कौड़िहार (ब्यूरो)। नवाबगंज के कुरेसर घाट पर शनिवार सुबह जन्माष्टमी के अवसर पर डांडी गांव की सात लड़कियां गंगा नहाने गई थीं। नहाने के दौरान पांच लड़कियां गहरे पानी में चली गईं। उनको डूबता देख लोग नदी में कूदे और तीन लड़कियों को बचा लिया, लेकिन दो लड़कियां डूब गईं। सूचना पर एसओ नवाबगंज, एसडीएम सोरांव गोताखोरों के साथ पहुंचे। एक लड़की का शव बरामद हो गया, जबकि दूसरी की तलाश की गई लेकिन वह नहीं मिली।
डांडी गांव की शिवांशी (16), जूली (20) समेत सात लड़कियां शनिवार सुबह कुरेसर घाट पर नहाने गईं थीं। नहाने के दौरान पांच लड़कियां गहरे पानी में चली गईं। शिवांशी और जूली डूबने लगीं तो शोर मचाया। तब तक सविता, मंशा और शिवांशी की बहन शिवांगी भी डूबने लगीं। घाट पर स्नान कर रहे लोग भी एक साथ पांच लड़कियों को चीखता देख सहम गए। वहां मौजूद नाविक गंगा में कूदे और तीन लड़कियों को धारा के बहाव से खींच कर बाहर निकाला, लेकिन शिवांशी और जूली डूब गईं। घाट पर चीख पुकार मच गई। सूचना पर नवाबगंज एसओ रामआशीष उपाध्याय, एसडीएम सोरांव गोताखोर के साथ पहुंचे।
गोताखोरों ने लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जूली के शव को ढूंढ निकाला। देर शाम तक शिवांशी की तलाश होती रही। एक साथ गांव की दो लड़कियों के डूबने से मातम का माहौल है। शिवांशी के पिता भगवानदीन एलआईसी एजेंट हैं। तीन बहनों और इकलौते भाई में बड़ी शिवांशी इंटर की छात्रा है। उसकी छोटी बहन शिवांगी भी डूब रही थी, लेकिन उसे बचा लिया गया। वहीं जूली के पिता रामपाल किसानी करते हैं। जूली की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है। वह बीए सेकेंड ईयर की छात्रा थी। शिवांशी और जूली के डूबने के बाद उनकी सहेलियां सदमे में हैं। वह कुछ बोल ही नहीं रही हैं।