कर्नलगंज इलाके में बेखौफ टप्पेबाज सोमवार सुबह चर्चलेन इलाके में रिटायर्ड शिक्षिका गहने बदलकर भाग निकले। शातिरों ने खुद को पुलिस वाला बताया और सीओ साहब की चेकिंग का हवाला देकर शिक्षिका के गहने उतारकर बैग में रखने की नसीहत दी। इसी दौरान शातिरों ने धोखे से असली जेवर हड़प लिया और नकली जेवर थमाकर निकल गए। बदमाशों के जाने के बाद शिक्षिका ने गहने चेक किया तो पीतल के निकले। शिक्षिका ने घटना की जानकारी घरवालों को दी और थाने पहुंची। कर्नलगंज पुलिस रिपोर्ट लिखकर बदमाशों की तलाश में जुटी है।
कोतवाली के नार्थ मलाका की शांति यादव सीएवी इंटर कॉलेज की रिटायर्ड शिक्षिका हैं। वह रविवार को वह अपने बेटी शालिनी के घर चर्चलेन आ गईं। सुबह वह नाती पार्थ को होली ट्रिनिटी स्कूल छोड़ने निकली। स्कूल के पास ही एक ट्रक के पीछे तीन युवक खड़े थे। उनमें से एक ने शांति को आवाज देकर रोक लिया। उसने खुद को सिपाही बताते हुए कहा कि आए दिन लूट, छिनैती की घटना होती रहती है। रोजाना ऐसी घटना होने के बाद भी आप इतने जेवर पहन कर सड़क पर निकली हैं। शांति ने कहा कि उनका घर पास में है। तुरंत छोड़कर घर जा रही हैं। लेकिन इसके बाद भी शातिर अपनी बात पर अड़ा रहा। उसने कहा कि सीओ साहब चेकिंग करने निकले हैं। वो आपकों बुला रहे हैं। चलिए उनको बता कर तब जाए। इस पर शांति झल्ला गईं।
उन्होंने कहा कि नाती को स्कूल छोड़ने के बाद आकर बता करेंगी। लेकिन शातिर युवक अड़ा रहा। तब शांति वहां गई। वहां मौजूद दो शातिरों ने कहा कि गहने उतारकर बैग में रख ले मैडम। इस पर शांति ने चेन और अंगूठी उतारकर बैग में रख लिया। तब शातिरों ने कान की बाली और सोने की चूड़ियां उतारने को कहा। लेकिन शांति ने बाकी के जेवर को पीतल का बताकर उतारने से इंकार कर दिया। शातिरों ने गहने कागज में लपेटकर रखने को कहा उस पर हस्ताक्षर का हवाला देकर बाहर निकलवा लिया। शांति के हाथ जेवर लेने के बाद एक कागज में लपेटकर साइन कर वापस किया। इस बीच धोखे से शातिरों ने असली की जगह नकली जेवर थमा दिया। शातिरों के जाने के बाद शांति ने गहने चेक किया तो पीतल के थे। शांति ने अपने साथ हुए छल की जानकारी भतीजे अनुराग यादव उर्फ संटू को दी। तब घरवाले पहुंचे और शांति को लेकर थाने गए। इंस्पेक्टर सिद्घार्थ गौतम ने बताया कि आशंका है कि शातिर घर से ही शिक्षिका पीछा कर रहे थे। उन्होंने देखा कि शिक्षिका ने इतने गहने पहना हुआ है। ये तो शुक्र रहा कि कुछ गहने शिक्षिका ने नहीं उतारकर दिए।