करछना के कचरी में प्रस्तावित पावर प्लांट पर बृहस्पतिवार से काम शुरू होने की चर्चा है। देररात यमुनापार इलाके में भारी पुलिस बल पहुंचने के चलते कचरी और आसपास के गांवों में हड़कंप मचा हुआ है। कुछ दिन पहले पहले हुए जबरदस्त बवाल के बाद प्रशासन अब पावर प्लांट के निर्माण की तैयारियों में जुटा हुआ है।
कुछ दिन पहले कमिश्नर ने पुलिस अफसरों के साथ बैठक कर यह निर्देश दिया था कि फोर्स तैयार रहे, करछना के कचरी में प्रस्तावित पावर प्लांट की जमीन पर कभी भी चहारदीवारी निर्माण का काम शुरू हो सकता है। बुधवार रात जब पुलिस फोर्स की तैनाती की गई तो इस बात की चर्चा शुरू हो गई कि प्रशासन अब चहारदीवारी का निर्माण करा सकता है। हालांकि पुलिस का दावा है कि वहां पावर प्लांट के विरोध को लेकर बैठक किए जाने की सूचना पर एहतियातन फोर्स भेजी गई है।
पूर्व डीएम कौशलराज शर्मा के कार्यकाल में कचरी में निर्माण कार्य शुरू करने पर जबरदस्त बवाल हुआ था। किसानों ने हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग और हाईवे पर जाम कर दिया था। किसानों के भारी विरोध के चलते प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा था। बवाल के बाद आंदोलनकारियों के मुखिया राज बहादुर पटेल समेत दर्जनों किसानों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया था।
कई किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था लेकिन राजबहादुर फरार हो गए थे। पुलिस ने राजबहादुर को भगोड़ा घोषित कर इनामिया घोेषित कर दिया था। तभी से चर्चा थी कि आंदोलनकारियों पर दबाव बनाने के बाद कभी पावर प्लांट की जमीन पर चहारदीवारी निर्माण का काम शुरू हो सकता है। बुधवार रात फोर्स करछना इलाके में पहुंची तो इस चर्चा को बल मिल गया। हालांकि एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्र का कहना है कि वांछितों की गिरफ्तारी और पावर प्लांट के विरोध को लेकर बैठक किए जाने की चर्चा पर एहतियातन पुलिस भेजी गई है।