सिविल लाइंस में सिक्योरिटी गार्ड राम किशोर गुप्ता के छह दिन से लापता बेटे आशीष गुप्ता का बृहस्पतिवार रात बेली गांव के कछार से शव मिला था लेकिन सिर हत्यारोपियों ने कहीं दूसरी जगह दफना दिया था। शुक्रवार को दिनभर सिविल लाइंस के सीओ राजवीर सिंह और इंस्पेक्टर महेश पांडेय के नेतृत्व में आशीष के कटे सिर की तलाश होती रही। आरोपी विक्की की निशानदेही पर जगह-जगह खेत में रेत खोदकर सिर खोजा जाता रहा। आरोपियों ने सिर बालू में किस जगह दफना दिया, यह ठीक-ठीक नहीं बता पा रहे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी को जेल भेज दिया। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। वहीं राम किशोर के घर में कोहराम मचा हुआ है।
चित्रकूट के पुरानी बाजार मोहल्ले के राम किशोर सिविल लाइंस के महक अपार्टमेंट में सिक्योरिटी गार्ड हैं। वह वहीं रहते भी थे। 12 फरवरी को इंटर में पढ़ने वाला बेटा आशीष घर से निकला तो लौटकर नहीं पहुंचा। राम किशोर की तहरीर पर आशीष के तीन दोस्तों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया था। एक आरोपी विक्की को पुलिस ने पकड़ा तो उसकी निशानदेही पर बेली गांव के कछार से आशीष का शव खेत में दबा मिला लेकिन सिर नहीं मिला। आरोपी ने बताया कि कुल्हाड़ी से काटने के बाद सिर दूसरी जगह और धड़ दूसरे स्थान पर दफना दिया था। विक्की की निशानदेही पर पुलिस ने धड़ तो बरामद कर लिया था लेकिन सिर नहीं मिला। जिसकी तलाश में शुक्रवार को पूरे दिन सिविल लाइंस पुलिस हलकान रही। आशीष का एक आरोपी की बहन से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिसके चक्कर में उसका कत्ल हुआ है।