गंगापार के नवाबगंज इलाके में राइस मिल कारोबारी को लूटने के इरादे से निकले बदमाशों को क्राइम ब्रांच और नवाबगंज पुलिस ने घेरेबंदी कर दबोच लिया। बदमाशों ने पुलिस को देखकर फायरिंग की थी। पकड़े गए बदमाशों पर कई मुकदमे दर्ज हैं। उनका मास्टरमाइंड दस हजार का इनामी रह चुका है। वह एक महीने पहले ही जेल से छूटा है। चार दिन पहले भी बदमाशों ने होलागढ़ के दहियांवा स्थित एक बैंक में दंपति को लूटने का प्रयास किया था, लेकिन सफल नहीं हुए थे।
एसएसपी केएस इमेनुएल ने शुक्रवार को बताया कि पकड़े गए लुटेरों के गिरोह का सरगना घनश्याम कोहार निवासी उल्दा नवाबगंज है। उसके खिलाफ हत्या, लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ जालौन और रायबरेली जिले में भी मुकदमे हैं। अन्य बदमाशों में रूपचंद्र निवासी बेरांवा नवाबगंज, मो.आजाद उल्दा नवाबगंज, पारस नाथ पटेल निवासी सूबेदार का पूरा नवाबगंज और राकेश कुमार निर्मल निवासी मंसूराबाद नवाबगंज है। पारसनाथ पटेल राइस मिल कारोबारी के यहां नौकरी करता था। उसके खिलाफ नवाबगंज थाने में 2014 में हत्या की साजिश का मुकदमा दर्ज हैं।
रूपचंद्र के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में बम के साथ गिरफ्तार हो चुका है। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि 15 फरवरी को दहियांवा के एक बैंक में दंपति को लूटने का प्रयास किया था, लेकिन सफल नहीं हुए। घनश्याम कोहार जेल से छूटने के बाद ही लूट की वारदात को अंजाम देने के फिराक में था। इसके लिए उसने पारसनाथ पटेल का सहयोग लिया। पारसनाथ से उसकी मुलाकात जेल में हुई थी। पारसनाथ ने बताया कि उसका मालिक सोमवार और बृहस्पतिवार को 40 से 50 लाख रुपये लेकर नवाबगंज से कौड़िहार आते हैं।
इस पर पांचों ने मिलकर कारोबारी को लूटने निकले थे। इसकी सूचना क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय और एसओ नवाबगंज दीपक पांडेय को हुई तो बदमाशों का पीछा किया। पुलिस देखकर बदमाशों ने फायर कर भागने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। गिरफ्तारी टीम में क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय, एसआई सुनील दुबे सिपाही संजय सिंह, राजेश कुमार सिंह, पवन सिंह, जुल्कर नैन और एसओ नवाबगंज दीपक पांडेय, एसआई रोहित कुमार, चौकी इंचार्ज मंसूराबाद केके यादव , हमराही जियाऊल हासन, अमित यादव, सुरेंद्र सोनकर शामिल रहे।