विश्वविद्यालय मार्ग पर मनमोहन पार्क चौराहे के पास पीपल का एक भारी-भरकम पेड़ धराशायी हो गया। पेड़ की एक मोटी डाल उधर से गुजर रही एक ऑल्टो कार की छत पर गिरी। कार में सवार दो महिला और दो पुरुष दब गए। आसपास के लोग पहुंचे और बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार से किसी तरह चारों को बाहर निकाला। पिछली सीट पर बैठी एक महिला का पैर टूट गया, जबकि दूसरी महिला के सीने में गंभीर चोट आई है। कार चला रहे और बगल की सीट पर बैठे पुरुषों को भी मामूली चोट आई। चारों घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। पेड़ गिरने से करीब पांच घंटे तक रास्ता भी बाधित रहा।
मनमोहन पार्क चौराहा से विश्वविद्यालय की ओर जाने वाली सड़क पर मंदिर के सामने विज्ञान संकाय की दीवार से लगा पीपल का काफी पुराना और बड़ा पेड़ था। बुधवार दोपहर करीब सवा दो बजे तेज आवाज के साथ पेड़ धराशायी हो गया। उस वक्त उधर से गुजर रही ऑल्टो कार और ठेला पेड़ की चपेट में आ गए और उसकी मोटी डाल सीधे कार की छत पर गिरी। इससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चारों लोग फंस गए। चीखपुकार सुनकर आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग दौड़े। काफी मशक्कत के बाद चारों को कार से बाहर निकाला गया। पिछली सीट पर बैठी एक महिला का दाहिना पैर टूट गया, जबकि साथ बैठी दूसरी महिला के सीने में गंभीर चोट आई। कार चला रहे और बगल की सीट पर बैठे पुरुषों को भी चोट आई।
इस बीच पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, फायरब्रिगेड और नगर निगम को भी सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने तक स्थानीय लोगों ने ही सड़क से पेड़ हटाने के लिए कटाई शुरू कर दी। स्थानीय लोगों और तखत, कुर्सी बेचने वालों के मुताबिक इविवि विज्ञान संकाय की दीवार के नीचे से करीब तीन माह से पानी रिस रहा था, जिसकी वजह से वहां की जमीन लगातार धसक रही थी। तखत, कुर्सी बेचने वालों का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को कई बार पानी रिसने के बारे में बताया, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया।