बहादुरपुर ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव के दौरान बवाल, मारपीट, पथराव, गोलीबारी और आगजनी मामले में सरायइनायत थाने की पुलिस ने एक और रिपोर्ट दर्ज की। फूलपुर के सपा विधायक सईद अहमद की तहरीर पर पुलिस ने सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश समेत दूसरी धाराओं में केस लिखा है। बहादुरपुर के बवाल में यह छठवां केस है। अब तक 1600 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखी जा चुकी है।
फूलपुर विधायक सईद अहमद ने दो दिन पहले ब्लाक प्रमुख पद के निर्दलीय प्रत्याशी अरूणेंद्र यादव उर्फ डब्बू समर्थकों के खिलाफ सरायइनायत पुलिस को तहरीर दी थी। विधायक अहमद की तहरीर के मुताबिक दस फरवरी को दोपहर तकरीबन एक बजे वह बगई खुर्द गांव में एक तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। तभी निर्दलीय प्रत्याशी अरूणेंद्र यादव डब्बू के समर्थकों ने उन पर जानलेवा हमला किया। उन पर फायरिंग की गई। दुर्योग से गोली प्रधान पुत्र देवेंद्र उर्फ बब्बू को जा लगी जिससे उसकी जान चली गई। विधायक का कहना है कि किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई। हमलावरों ने उनकी गाड़ी को ईट-पत्थर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया।
सरायइनायत थाने में रविवार को विधायक पर जानलेवा हमले में सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, बलवा और फायरिंग की धाराओं में रिपोर्ट लिखी गई। बहादुरपुर ब्लाक पर चुनाव के दौरान हुए बवाल में यह छठां मुकदमा लिखा गया है। इसके पहले बीडीसी सदस्यों के अपहरण, जगतपुर रेलवे क्रासिंग पर दमकल की गाड़ी जलाने, ब्लाक परिसर के बाहर बवाल करने के मामले में 16 सौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखी जा चुकी है। हालांकि गिरफ्तारी केवल सात लोगों की ही हो सकी है। बीडीसी सदस्यों के अपहरण की एफआईआर में सपा विधायक सईद अहमद और प्रशांत सिंह के साथ ही चौकी प्रभारी हनुमानगंज और दो सिपाहियों को भी नामजद कराया गया है।
बहादुरपुर बवाल के मामले में लापरवाह पुलिसकर्मियों की बखार्स्तगी की जाएगी। इस मामले में चार सिपाहियों और दरोगा की बर्खास्तगी की प्रक्रिया चल रही है। एसएसपी केएस इमेनुएल ने बातया कि घोर लापरवाही के कारण इन पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी होनी है।