एसएसपी के स्टेनो रहे बरसाती राम (57) का शव मंगलवार सुबह निरंजन डॉट पुल पर मिला। उनका सिर और धड़ अलग था। खबर पाकर पुलिस लाइन से उनके बेटे और स्थानीय पुलिस पहुंच गई। परिजनों से पता चला कि वह बीमारी से परेशान था। सोमवार आधी रात वह घर से निकल गए थे। ऐसे में अनुमान है कि उन्होंने रोग से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम के बाद उनका शव परिजनों को सौंप दिया गया।
बरसाती राम (57) मूल रूप से मिर्जापुर में जिगना इलाके के रहने वाले थे। वह कई साल तक इलाहाबाद में तैनात रहे। कुछ साल पहले वह एसएसपी इलाहाबाद के स्टेनो रहे। मौजूदा समय में उनकी तैनाती नैनी स्थित 42वीं वाहिनी पीएसी में थी। वह पुलिस लाइन के सरकारी निवास में रहते थे। परिवार में पत्नी हुबरानी देवी और तीन बेटे मिथिलेश, दीपक, निखिलेश और बेटियां संगीता तथा सरिता हैं। सोमवार रात भोजन के बाद वह टीवी देख रहे थे। फिर वह कब घर से निकल गए, परिवार में कोई नहीं जान सका। वह रोज सुबह मार्ऩिग वॉक पर जाते थे। मंगलवार सुबह भी परिजनों ने यही समझा कि वह सैर पर गए होंगे।
उनके पुत्र निखिलेश भी मार्निंग वॉक पर जाते थे। सुबह निखिलेश को ही खबर मिली कि निरंजन डॉट पुल पर किसी का शव पडा है। बरसाती राम देर तक घर नहीं आए तो बेटों ने जाकर शव देखा। मृतक बरसाती राम ही थे। उनका सिर गर्दन से अलग था। वह लुंगी और कमीज पहनकर घर से निकले थे। बरसाती राम के परिजनों और रिश्तेदारों में मातम छा गया। शव की स्थिति देख पुलिस ने शक जताया कि यह खुदकुशी का मामला है। परिवार के लोगों ने भी बताया कि वह बीमारी से त्रस्त थे। शायद इसी वजह से रात में उन्होंने घर से निकल ऐसा किया।