घूरपुर के मोहिद्दीपुर गांव में दो लड़कों की गोली मारकर हत्या के बाद इंदर के छात्र दीपक दुबे को इंद्रजीत भारतीय घर के भीतर खींचकर मारा गया था। यह अब तक अनुमान था मगर के घर के भीतर जांच में मिले सुबूतों से कत्ल की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। फील्ड यूनिट को घर के भीतर जांच में फर्श और चप्पल समेत कई जगह खून मिला। जांच के लिए नमूना रखा गया है। एक लोवर भी मिला जिसे दीपक का माना गया है। पुलिस का कहना है कि दीपक को घर के भीतर खींचकर मारने के सुबूत मिलने के बाद अब कातिलों की तलाश की जा रही है।
शुक्रवार सुबह मोहिददीनपुर गांव में आटा पिसाई के चार रुपयों के झगड़े में चक्की मालिक राकेश दुबे के भाई राजेश ने घर के भीतर से दुनाली बंदूक लाकर भीड़ पर फायर किया था जिसमें राहुल भारतीय (20) और आशु भारतीय (18) की मौत हो गई थी। चक्का मालिक राकेश का पैसों के लिए झगड़ा हुआ था जेल बंदीरक्षक इंद्रजीत के पुत्र रजत से जो घर में भंडारा के लिए पिसाया आटा लेने गया था। मृतक राहुल बंदीरक्षक इंद्रजीत के बड़े भाई शंकरलाल का पुत्र था जबकि आशु नैनी में रहने वाली उशकी बहन सरला का बेटा था। उसी वक्त से राकेश बड़े भाई वशिष्ठ का इकलौता पुत्र दीपक (16) लापता था। शाम तक वह नहीं मिला तो पुलिस को भी अनहोनी की आशंका सताने लगी थी। दूसरे रोज शनिवार शाम दीपक की लाश झाड़ी के भीतर बोरी में भरी मिली।
पुलिस ने दलित बस्ती के घरों की तलाशी ली तो इंद्रजीत के ही घर में कत्ल के सुबूत मिल गए थे। वहां एक जगह पोंछा लगाया गया था जहां लाल धब्बे थे। रविवार को फील्ड यूनिट प्रभारी प्रेम भारतीय ने उस घर की बारीक जांच की। फर्श और पोंछा को केमिकल से साफ कर नमूना लिया गया तो वहां खून की पुष्टि हो गई। तलाशी में चप्पल और एक लोवर भी मिला। चप्पल पर भी खून के छींटे थे। बरामद लोवर के बारे में शक है कि वह दीपक का था क्योंकि शव पर सिर्फ अंडरवियर थी। हालांकि लोवर की परिजनों से शिनाख्त करानी है। एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्र के मुताबिक, अब यह साफ हो गया है कि परिवार के दो लड़कों की गोली लगने से मौत के बाद बदला लेने के इरादे से इंद्रजीत के परिवार के लोगों ने दीपक को घर के भीतर खींचकर बेरहमी से मार डाला था। कत्ल में इंद्रजीत समेत सभी आरोपी पकड़े जाएंगे।