हाईकोर्ट के एक रिटायर अफसर की शिक्षिका बेटी के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप चल गया। रिश्तेदारों ने देखा तो शिक्षिका को फोनकर व्हाट्सएप पर आने की बधाई देने लगे। शिक्षिका अपने नंबर से व्हाट्सएप के चलने की बात सुनकर सन्न रह गई। उसने बताया कि व्हाट्सएप अपने मोबाइल नंबर से चलाती ही नहीं। इस पर जार्जटाउन पुलिस थाने पहुंची। लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। एसपी क्राइम से शिकायत के बाद मामला दर्ज हुआ।
जार्जटाउन के रहने वाले हाईकोर्ट के रिटायर अफ सर की बेटी शिक्षिका है। कुछ दिन पहले उसने नया मोबाइल खरीदा। 31 दिसंबर को रिश्तेदारों का फोन आया कि व्हाट्सएप पर आने की बधाई देने लगे। तब उसने रिश्तेदारों को बताया कि उसने अपने मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप चलाया ही नहीं। बिना डाउनलोड कि ए अपने मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के चलने वह परेशान हो गई। तब कई दूसरे जानने वालों के भी इस बात को लेकर फोन आ गया। तब शिक्षिका नेे पिता को इस मामले की जानकारी दी। इस पिता बेटी को लेकर जार्जटाउन थाने गए।
लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया। इस पर एसपी क्राइम अरुण पांडेय से मामले की शिकायत की गई। तब जार्जटाउन पुलिस ने मामला दर्ज किया। रिटायर हाईकोर्ट अफसर के किसी मुताबिक किसी परिचित ने खुराफात की है। एसओ जार्जटाउन विनोद सिंह ने बताया कि अज्ञात में आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। वहीं साइबर विशेषज्ञ शिवम द्विवेदी ने बताया कि यह हैकिंग नहीं है। लेकिन खुराफात है। यह साइबर क्राइम में आता है कि दूसरे के नंबर से व्हाट्सएप चलाना या फोटो लगाना। आशंका है कि जिसने यह खुराफात की है उसे शिक्षिका मोबाइल नंबर पता रहा होगा।