धूमनगंज थाना क्षेत्र के रम्मन का पुरवा के रहने वाले हाईकोर्ट के वकील सतपाल सिंह राठी (60) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह घर पर अकेले थे। उनका मोबाइल न उठने और घर से कोई आवाज न आने पर उनकी जौनपुर में तैनात पत्नी डॉ. संतोष राठी को खबर दी गई। वह घर पहुंचीं लेकिन दरवाजा नहीं खुला। जब पत्नी ने पड़ोस के घर की छत से झांका तो वह बिस्तर पर औंधे मुंह पड़े दिखाई दिए। दरवाजा तोड़कर लोग घर के भीतर पहुंचे। उनको जहर देकर मारने की आशंका जताते हुए पत्नी ने पुलिस को खबर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। मौत की वजह स्पष्ट न होने पर बिसरा प्रिजर्व कर लिया गया।
सतपाल सिंह राठी मूलरूप से मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर के रहने वाले थे। वह लंबे समय से रम्मन का पुरवा में रहते थे। 19 अप्रैल को भी वह रोज की तरह कामकाज निपटाकर घर पहुंचे। रात में उनकी तबीयत बिगड़ी। उनको कुछ उलटियां हुईं। उन्होंने फोन कर अपने दोस्त को जानकारी दी। दोस्त ने दवा लेने की सलाह दी और कहा कि वह आराम करें। रात में दोस्त ने हालचाल लेने के लिए उनको फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। दोस्त को चिंता हुई। उन्होंने वकील की पत्नी डॉ. संतोष को फोन किया। वह सोमवार सुबह ही घर पहुंच गईं। काफी प्रयास के बावजूद दरवाजा नहीं खुला। दरवाजा तोड़ने पर उनकी मौत की पुष्टि हुई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिवार में एक बेटी है जो डॉ. संतोष के साथ जौनपुर में ही रहती है।
जार्जटाउन थाना क्षेत्र के बाबा जी का बाग में आग से झुलसी रानी (40) की मंगलवार को एसआरएन अस्पताल में मौत हो गई थी। वह नौ अप्रैल को खाना बनाते वक्त अंगीठी से झुलस गई थी। पति मदनलाल सब्जी का ठेला लगाता है। परिवार में एक बेटा और एक बेटी है।