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छात्र की करंट से मौत पर छह घंटे तक हंगामा

Sun, 15 Mar 2015 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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यमुनापार के लालापुर इलाके में शनिवार सुबह पेड़ पर चढ़कर डाल काट रहे नौवीं कक्षा के छात्र की ऊपर से गुजरे हाईटेंशन तार की चपेट में आकर मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उसे गांव का ही एक व्यक्ति लकड़ी काटने के लिए बुलाकर ले गया था। घटना के बाद वह अपने बेटों समेत भाग गया। मौके पर सैकड़ों लोग जुट गए। पुलिस शव को पेड़ से उतारने लगी तो लोगों ने विरोध करते हुए मांग रख दी कि पहले दोषी पिता-पुत्रों को गिरफ्तार किया जाए। अर्जी लेकर रिपोर्ट लिखने के बाद सीओ के काफी समझाने पर छह घंटे बाद लोगों ने शव उतारने दिया।
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नौढ़िया तरहार गांव निवासी शिवप्रकाश उर्फ पंचू के तीन पुत्रों में सोनू (17) बड़ा था। वह स्थानीय स्कूल में नौंवीं कक्षा का छात्र था। परिजनों ने बताया कि शनिवार सुबह करीब नौ बजे गांव का संपतपाल अपने पुत्रों जयप्रकाश, विजयप्रकाश, राजकुमार के साथ घर आकर उनके बेटे सोनू को बुलाकर ले गया था। उन्होंने सोनू को दो किलोमीटर दूर गोरारपुर सुपारी बाग ले जाकर एक पेड़ पर लकड़ी काटने के लिए चढ़ा दिया। सोनू ने एक डाल काटी तो वह पेड़ के करीब से गुजरे 33 हजार वोल्ट के केबिल से छू गया। यह केबिल बारा पावर प्लांट के पंप हाउस तक गया है। डाल छूते ही सोनू करंट की चपेट में आ गया। उसकी वहीं मौत हो गई। उसका शव पेड़ में ही फंसा रहा। यह देख संपतलाल अपने बेटों के साथ भाग गया। यह पेड़ सड़क किनारे स्थित होने की वजह से राहगीरों की नजर पड़ी तो वहां भीड़ लगती गई। कुछ देर में खबर पाकर सोनू के पिता समेत परिजन आ गए।

सोनू की मौत से उसके परिवार में हाहाकार मच गया। उसके भाई, बहन और मां सुशीला भी रोते-कलपते आ गई। देखते ही देखते वहां आसपास के कई गांव के सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। लालापुर थानाध्यक्ष वशिष्ठ यादव ने आकर बिजली सप्लाई कटाने के बाद सोनू का शव पेड़ से उतारने का प्रयास किया तो लोगों ने विरोध कर दिया। ग्रामीणों और परिजनों ने कहा कि संपतलाल और उसके तीनों पुत्रों को पकड़कर लाया जाए तभी पुलिस को शव कब्जे में लेने दिया जाएगा। भीड़ बढ़ती देख वहां लालापुर के साथ ही शंकरगढ़ थाने की फोर्स मंगाकर सीओ बारा कुलभूषण ओझा पहुंच गए। उन्होंने सोनू के पिता से तहरीर लेकर भरोसा दिया कि संपत और उसके बेटों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्हें सजा दिलाने के लिए सोनू का पोस्टमार्टम होना जरूरी  है। सीओ के समझाने और मनाने पर छह घंटे बाद शाम करीब चार बजे पुलिस को शव पेड़ से उतारने दिया गया।
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