धूमनगंज के सूबेदारगंज इलाके में नौ फरवरी की रात हुए रेलकर्मी के मर्डर का खुलासा हुआ तो लोग सन्न रह गए। रेलकर्मी ने शराब पीकर पत्नी के मुंह पर थाली फेंक दी थी। पत्नी ने मुंहबोले बेटे के माध्यम से दो बदमाशों को पचास हजार की सुपारी देकर पति को मरवा दिया। धूमनगंज पुलिस ने मंगलवार को मुंहबोले बेटे समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। धूमनगंज के कालिंदीपुरम इलाके के रहने वाले रेलकर्मी उम्मेद सिंह का शव 10 फरवरी की सुबह सूबेदारगंज में झाड़ियों में मिला था। उसकी गला दबाकर और सिर पर पत्थर से प्रहार कर हत्या की गई थी। मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल इलाके के रहने वाले उम्मेद सिंह के परिवार में पत्नी भामा देवी और बेटा बृजेश हैं। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पड़ोस में रहने वाला हेमंत पांडेय की नजदीकी सामने आई। पता चला कि भामा देवी उसे अपना मुंहबोला बेटा मानती है। हेमंत की गतिविधियां कुछ संदिग्ध नजर आईं तो उसका नंबर सर्विलांस पर लगाया गया।
इसके साथ ही इस मामले का खुलासा हो गया। इंस्पेक्टर धूमनगंज बचन सिंह सिरोही के अनुसार उम्मेद सिंह शराब पीकर घर में अक्सर मारपीट करता था। भामा देवी एकदम परेशान हो गई थी। एक दिन मारपीट के बाद उसने हेमंत से कहा कि तुम इसे मरवा दो नहीं तो मैं आत्महत्या कर लूंगी। करीब दस दिन पहले हेमंत के सामने ही उम्मेद ने खाने से भरी थाली भामा देवी के मुंह पर फेंक दी और उसे जमकर पीटा था। इसी के बाद हेमंत ने पूरामुफ्ती के रहने वाले दिनेश पासी और आशीष पासी से हत्या के लिए संपर्क किया। उन दोनों ने उम्मेद की हत्या के लिए पचास हजार मांगे। हेमंत ने भामा देवी को बताया तो उसने 15 हजार पेशगी के तौर पर दे दिए। जागृति चौराहे के पास हेमंत दोनों बदमाशों को लेकर आया और उम्मेद की पहचान करा दी। नौ फरवरी को हेमंत ने उन्हें फोन कर बताया कि उम्मेद बाहर जा रहा है। रात में दिनेश और आशीष ने मिलकर उम्मेद को मार डाला और हेमंत को मोबाइल पर इसकी सूचना दे दी। सीओ डीपी तिवारी ने बताया कि मंगलवार को हेमंत के साथ ही दिनेश और आशीष को भी गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से उम्मेद का आईकार्ड भी बरामद कर लिया गया।