इलाहाबाद। शहर में सलोरी के पार्षद राजू शुक्ला के ड्राइवर उमेश तिवारी उर्फ बबलू तिवारी (40) की मंगलवार रात लगभग साढ़े दस बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। ईश्वर पुलिस चौकी से दस कदम की दूरी पर पान की दुकान पर खड़े बबलू को घेरकर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। गोली लगते ही बबलू लहूलुहान होकर गिर पड़ा तो हमलावर तमंचा लहराते हुए भाग निकले। हत्या की खबर सुनकर भीड़ जुट गई। सूचना पर सीओ समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई।
कर्नलगंज के बड़ी बगिया के रहने वाले स्व. गोरखनाथ तिवारी फौज से रिटायर थे। उनके तीन बेटों में सबसे छोटा बबलू तिवारी (45) कई सालों से सलोरी के पार्षद राजू शुक्ला का ड्राइवर था। वह रात में पुलिस चौकी के पास चौराहे पर पान खाने आया था। बबलू पान की दुकान पर खड़ा था तभी बाइक सवार बदमाश आए और बबलू पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर भाग निकले। गोली लगते ही बबलू जमीन पर गिर पड़ा।
आसपास के लोग पहुंचे तो बबलू खून से लथपथ पड़ा था। आनन-फानन में उसे लेकर बेली अस्पताल भागे। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। खबर मिलने पर सीओ कर्नलगंज समेत कई थानों की फोर्स आ गई। एसएसपी केएस इमैनुएल भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस घरवालों से पूछताछ कर हमलावरों की तलाश में जुटी है। उधर बबलू के हत्या की खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। पत्नी मिथिलेश और बच्चों ज्योति, आरती, निधि,ऋषि और शक्ति का रोकर बुरा हाल था। मां शीला देवी बेटी मौत की खबर सुनकर अचेत हो गईं।
सलोरी पार्षद का ड्राइवर बबलू तिवारी अपने भतीजे रिंकू तिवारी की हत्या में गवाह था। उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें मोहल्ले के ही दो लोग जेल में बंद हैं। मंगलवार को इस मामले में गवाही थी लेकिन गवाही नहीं हो पाई थी। कचहरी जाने के चलते मंगलवार को बबलू गाड़ी चलाने भी नहीं गया था। रात में वह वकील से मिलकर घर लौट रहा था। रास्ते में वह ईश्वर पुलिस चौकी के पास पान खा रहा था तभी बाइक बदमाश आए और गोली मारकर भाग निकले। आशंका है कि जिसने बबलू के भतीजे को गोली मारी थी। उन्हीं लोगों का हाथ बबलू की हत्या में भी है।