शहर से सटे नैनी के उमरगंज भड़रा गांव में मामूली कहासुनी पर सेना के जवानों और ग्रामीणों के बीच टकराव हो गया। ग्रामीणों ने सेना के ट्रक को घेरकर चालक जवान की पिटाई कर दी और ट्रक पर पथराव कर दिया। ट्रक में स्कूली बच्चे सवार थे। आधे घंटे तक टकराव चलता रहा। खबर पाकर सेना के जवान पहुंचे और ग्रामीणों को दौड़ाया तो वे भाग निकले। सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची। बाद में दोनों पक्ष ने कोतवाली में समझौता कर लिया।
सीओडी छिवकी स्थित छावनी में रहने वाले सेना के जवानों के बच्चे बेथल एकेडमी भड़रा में पढ़ते हैं। दोपहर में सेना का ट्रक स्कूल से बच्चों को लेने गया था। बेथल स्कूल के पास दो छात्राएं जा रही थीं। चालक ने हार्न बजाया जिस पर छात्राएं नहीं हटीं। चालक ने छात्राओं के न हटने पर फटकारा। छात्राओं ने इसकी जानकारी घरवालों को दी तो गांव के लोग भड़क गए। कुछ देर बाद सेना का ट्रक बच्चों को लेकर लौटने लगा तो रास्ते में युवकों ने ट्रक को रोक लिया। चालक जवान से गाली गलौज करने लगे। इस पर सेना के ट्रक चालक ने विरोध किया तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। बवाल होते देख ट्रक में बैठे बच्चे रोने लगे। चालक को ट्रक से नीचे उतारकर ग्रामीण पीटने लगे तो दूसरा जवान बचाने दौड़ा।
युवकों ने उसे पत्थर मारते हुए खदेड़ लिया। पथराव से बचने के लिए जवान भागकर ट्रक में चढ़ गया। उसने दरवाजा बंद कर लिया। इस बीच दूसरे जवान ने अपने साथियों को सूचना दे दी। सूचना पर सेना के दो दर्जन जवान मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की पिटाई से घायल चालक छिपकर केबिन में बैठा था। बच्चे रो रहे थे। गुस्साए जवानों ने ग्रामीणों को खदेड़ लिया। पथराव में मो. शकील अंसारी पुत्र अंसार अंसारी, मो.सलीम पुत्र लईक समेत कई लोग घायल हो गए। सूचना पर नैनी कोतवाल राजकुमार मलिक, दरोगा संदीप तिवारी, अखिलेश राय घूरपुर एसओ बृजेश द्विवेदी मय फोर्स के पहुंच गए। फोर्स पहुंची तो मामला शांत हुआ। जवान बच्चों को लेकर चले गए। जानकारी पर सेना के अफसर कोतवाली पहुंचे। गांव के प्रधान मो.जहीर के साथ सैकड़ों ग्रामीण भी कोतवाली पहुंचे। जहां पर एसडीएम विनय कुमार सिंह और सीओ करछना अलका भटनागर ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया।