अल्लापुर के सुनील अपहरणकांड की गुत्थी सुलझ गई है। घटना के बाद फरार एक आरोपी आशीष यादव को सोमवार रात पुलिस ने दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने नए यमुना पुल के पास सुनील की पैंट बरामद कर ली। गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि उस रात अल्लापुर में ईंट-पत्थर से मारकर बेहोश करने के बाद गोली मारकर सुनील की हत्या की गई। फिर कपड़े उतारकर शव को नए पुल से यमुना में फेंक दिया था। तब से चार मुख्य आरोपी फरार थे। दो नामजद आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा था जिनमें एक लल्लू यादव को सोमवार को जेल भेज दिया गया है।
अल्लापुर में रहने वाले बिजली मिस्त्री सुनील गुप्ता (25) को 20 अक्तूबर बृहस्पतिवार की रात झगड़े के बाद बाइक पर युवक उठा ले गए थे। भाई अनिल ने सचिन सोनकर, सत्यम भारतीय, आशीष यादव, लल्लू यादव, मुन्ना, लक्खन के खिलाफ अपहरण का केस लिखाया था। नामजद आरोपी लक्खन और मिठाई कारोबारी लल्लू यादव को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की पर दोनों कहते रहे कि वे बाद में मौके पर पहुंचे थे। सोमवार शाम फरार चार आरोपियों में एक आशीष यादव क्राइम ब्रांच और जार्जटाउन पुलिस के हाथ लग गया। उसने पुलिस को बताया कि गुरूवार रात सुनील मिला तो तमंचा तानकर उन लोगों को धमका रहा था। उन लोगों ने उसे पत्थर-ईट मारा। बेहोश हो गया तो एक बाइक पर सत्यम और सचिन उसे लादकर नैनी पुल की तरफ चले।
दूसरी बाइक पर आशीष एक साथी संग था। एलआईसी कॉलोनी के पास सुनील को उसके ही तमंचे से गोली मार दी गई। फिर उसके कपड़े उतारने के बाद उन चारों ने सुनील के शव को नए पुल के बीच से यमुना में फेंक दिया। उसके कपड़े भी झाड़ी में फेंक दिए। फिर वे नए पुल को पार करने के बाद नए पुल से वापस शहर लौटे और बैरहना आ गए। यहां से सचिन और सत्यम नैनी चले गए। जबकि आशीष अपने रिश्तेदार के यहां छिप गया। पुलिस ने आशीष की निशानदेही पर सुनील की पैंट बरामद कर ली है लेकिन कमीज नहीं मिली। अब चार रोज बाद यमुना में शव भी मिलना मुश्किल है। अनहोनी की आशंका पर परिजन कई रोज से शव की तलाश कर रहे थे लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
पिछले पांच महीने के दौरान जार्जटाउन इलाके में कत्ल की चार घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें बिजली मिस्त्री सुनील गुप्ता के कत्ल तथा युवती की गैंगरेप के बाद हत्या का खुलासा क्राइम ब्रांच ने किया। जार्जटाउन थाने की पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार तो करना दूर कुछ भी पता नहीं लगा सकी थी। इसके अलावा अल्लापुर में ही पूर्व डिप्टी एसपी की पत्नी इंदिरा तथा नाबालिग छात्र गुरूदीन के कत्ल में अब तक रहस्य बना है। उन दोनों की हत्या घर के भीतर की गई थी। दोनों की हत्या का तरीका भी लगभग एक ही था। इंदिरा को भोर में घर के भीतर चाकू से गलाकर काटकर मारा गया था। लंबा समय गुजरने के बाद भी जार्जटाउन पुलिस इंदिरा और गुरूदीन के कातिलों का सुराग लगाने में नाकाम साबित हो चुकी है।