जमुना क्रिश्चियन कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य आरके गवन की मौत से आक्रोशित मसीही समुदाय ने बृहस्पतिवार को विरोध प्रदर्शन किया। पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार को जाते समय सुभाष चौराहे पर आक्रोश जताया। प्रदर्शन की भनक लगने पर पहले से ही भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। पुलिस ने मसीही समुदाय के लोगों को न्याय दिलाने का भरोसा देकर शांत कराया। देर शाम परिजनों ने राजापुर कब्रिस्तान में शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
आरके गवन का शव बुधवार शाम उनके जमुना मिशन कंपाउंड स्थित घर में फांसी पर लटकता मिला था। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला था। इसमें लिखा था कि उत्पीड़न से तंग आकर उन्होंने जान दी। घटना से आक्रोशित लोगों ने पुलिस अफसरों के सामने प्रदर्शन किया था। देर रात इस मामले में परिजनों की तहरीर पर काशी नरेश के इलाहाबाद स्थित संपत्तियों के केयरटेक रुद्रनारायण पाठक, शिवबहादुर सिंह और उदयप्रताप सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई गई। शुक्रवार को दोपहर दो बजे के करीब शव का पोस्टमार्टम शुरू हुआ। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने से मौत की बात सामने आई। पोस्टमार्टम के बाद करीब साढ़े चार बजे परिजन शव लेकर जमुना मिशन कंपाउंड स्थित आवास पहुंचे। वहां प्रार्थना के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए निकले। आशंका थी कि परिजन सुभाष चौराहे पर प्रदर्शन कर सकते हैं। इसे देखते हुए ही वहां कई थानों की फोर्स लेकर एएसपी सुकीर्ति माधव पहुंच गए।
पुलिस की सूझबूझ से संभला मामला
सुभाष चौराहे पर पहुंचने पर परिजनों और मसीही समुदाय के लोगों ने कुछ देर के लिए विरोध जताया। यहां एएसपी सुकीर्ति माधव ने आश्वासन दिया कि उनके साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद लोग शांत हुए और फिर शव अंतिम संस्कार के लिए राजापुर स्थित कब्रिस्तान ले जाया गया।