गंगापार के नवाबगंज थाना क्षेत्र में कुरेसर घाट पर शनिवार शाम कोटेदार बलवंत यादव उर्फ श्याम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बलवंत अपने एक रिश्तेदार की अंत्येष्टि से घर लौट रहे थे, तभी चार लोगों ने घेरकर उन्हें मार दिया। इस मामले में वर्तमान ग्राम प्रधान और पूर्व ग्राम प्रधान समेत चार को नामजद किया गया है। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
खिजिरपुर गांव के बलवंत यादव उर्फ श्याम सिंह 15 सालों से कोटेदार थे। शनिवार को उनके रिश्तेदार अमरनाथ यादव की मौत हो गई थी। शाम को कुरेसर घाट पर अंत्येष्टि थी। बलवंत अंत्येष्टि में शरीक होने घाट पर गए थे। करीब साढ़े चार बजे वह वापस लौटने लगे। तकरीबन 100 मीटर दूर गए होंगे कि चार लोगों ने उन पर हमला करते हुए ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। बलवंत की वहीं मौत हो गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण इकट्ठे होने लगे। पुलिस तकरीबन एक घंटे बाद पहुंची, इस कारण ग्रामीणों में आक्रोश रहा। मौके पर एसपी गंगापार, एसडीएम और सीओ समेत तमाम अधिकारी पहुंचे। ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत किया गया। देर शाम तक सैकड़ों की संख्या में लोग इकट्ठे हो गए थे।
लोग ग्रामीण खिजिरपुर के ग्राम प्रधान और उसके साथियों पर हत्या के आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि पांच दिन पहले बलवंत ने पुलिस से शिकायत की थी कि उनकी जान को खतरा है, उनपर हमला हो सकता है। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसपी गंगापार सुनील सिंह ने बताया कि बलवंत के घरवाले खिजिरपुर के पूर्व ग्राम प्रधान इंद्रराज यादव और वर्तमान ग्राम प्रधान रामबरन यादव पर आरोप लगा रहे हैं। पता चला है कि बलवंत 15 सालों से गांव के कोटेदार थे। मौजूद ग्राम प्रधान अपने किसी आदमी को कोटेदार बनाना चाह रहे थे। उन्होंने बलवंत के खिलाफ कई शिकायतें भी की थीं। दोनों में यही विवाद चल रहा था। इस मामले में रामबरन यादव, इंद्रराज यादव, संदीप यादव और कंचू यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
खिजिरपुर गांव के ननकू यादव के पांच बेटों में बलवंत छोटे थे। दस साल पहले उनकी शादी रंजीता से हुई थी। बड़ी बेटी पल्लवी आठ साल की और छोटा बेटा प्रिंस पांच साल का है। बलवंत की हत्या की सूचना मिलते ही घरवाले बदहवास घटनास्थल की ओर भागे। पत्नी रंजीता और दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। रिश्तेदार उन्हें संभालने में लगे थे।