शहर के प्रमुख सराफा कारोबारी पंकज महेंद्रू की मां मालती (80) का रविवार शाम कार हादसे में निधन हो गया। पंकज इस दुर्घटना में बाल-बल बचे। वह अपनी मां को कार में वाराणसी ले जा रहे थे जहां से इलाज की खातिर प्लेन में कोलकाता को रवाना होना था। जीटी रोड पर हंडिया इलाके में कार डिवाइडर से टकराकर पलटी जिसमें उनकी मां की कार के नीचे आने से मौत हो गई। इस अनहोनी से परिवार के अलावा परिचित व्यापारी भी शोक में डूब गए।
अशोक नगर में ऑकलैंड मार्ग निवासी पंकज और उनके भाई राहुल की गिनती शहर के प्रमुख आभूषण व्यापारियों में होती है। चौक सहित कई स्थानों पर जगत नारायण भगत नारायण ज्वेलर्स नाम से उनके ज्वेलरी शोरूम हैं। उनके पिता ओंकारनाथ महेंद्रू का निधन हो चुका है। 80 वर्षीय मां मालती इधर लंबे समय से बीमार थीं। दोनों बेटों ने उनका इलाज कोलकाता के अस्पताल में कराने का फैसला किया। रविवार दोपहर करीब तीन बजे पंकज मां मालती को अपनी वरना कार में बैठाकर वाराणसी के लिए रवाना हो गए। बाबतपुर एयरपोर्ट से शाम साढ़े सात बजे की फ्लाइट में उन्हें कोलकाता जाना था । करीब चार बजे वे हंडिया इलाके में जीटी रोड पर चकमदा के पास पहुंचे तभी तेज रफ्तार स्कार्पियो ने ओवटेक के चक्कर में पीछे से उनकी कार में बोनट सटा दिया। ऐसे में कार पंकज की काबू से बाहर हो गई। डिवाइडर से टकराने के बाद कार पलट गई। पैर में हल्की चोट के अलावा पंकज सुरक्षित रहे पर पिछला गेट खुलने पर मालती बाहर गिरकर कार के नीचे दब गईं।
पंकज कार से किसी तरह निकले। तब तक वहां भीड़ लग गई थी। राहगीरों की मदद से वह एंबुलेंस में मालती को हंडिया सीएचसी ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनकी सांस थम चुकी है। दुर्घटना की जानकारी उनके परिचित वहां पहुंच गए। खबर पाकर सीओ बृजनंदन राय और इंस्पेक्टर आरपी सिंह भी पहुंच गए। पुलिस शव को हंडिया थाने ले गई जहां पंचनामा भरने के बाद के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इधर, मां के निधन की खबर पाकर दूसरे पुत्र राहुल समेत परिवार के लोग गम में डूब गए। शव देर शाम एसआरएन अस्पताल के पोस्टमार्टम हाऊस आने पर परिजन तथा शहर के तमाम कारोबारी पहुंच गए।
सराफा व्यवसायी पंकज महेंद्र के परिवार पर डेढ़ साल के भीतर यह दूसरी विपदा टूटी है। इससे पहले पंकज को पिछले साल ज्वेलरी शोरूम से घर लौटते वक्त बदमाशों ने हाईकोर्ट के आगे कार रोककर अगवा कर लिया था। उन्हें फतेहपुर में बंधक बनाकर फिरौती मांगी गई थी। हालांकि दूसरे ही रोज रात में पुलिस ने बदमाशो को गिरफ्तार कर पंकज को बरामद कर लिया था। उस घटना में डॉन बबलू श्रीवास्तव का भी नाम आया। उसके खिलाफ वारंट भी जारी किया गया था। उस घटना से अभी परिवार के लोग उबरे ही थे कि मां की दुर्घटना में मौत ने उन्हें सदमे में डाल दिया। पंकज महेंद्रू तो मां के शव के पास बैठकर लगातार रोते-बिलखते रहे।