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धमाका नहीं बस धमकाना है मकसद

Sun, 07 Feb 2016 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
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मेजा रोड रेलवे क्रासिंग के बाद महानगरी ट्रेन और बृहस्पतिवार को मेजा रोड रेलवे ओवरब्रिज पर मिले संदिग्ध बम की जांच साफ हो गया कि उनमें धमाका नहीं होना था। ऐसे फर्जी बम रखने वाले का मकसद धमाका करना नहीं बल्कि धमकाना है। इस सिरफिरे की मंशा दहशत फैलाना है। संभव है कि वह मानसिक रूप से बीमार है। यह भी आशंका है कि वह रेलवे से कोई ताल्लुक रखता हो। सिविल और रेलवे पुलिस समेत कई खुफिया एजेंसियां उस शख्स की तलाश में भटक रही हैं। पुलिस ने मेजा, मांडा, करछना इलाके में ऐसे लोगों की तलाश में तेजी ला दी है। 
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तीन महीने पहले फ्रांस में हुए आतंकी हमले के तीसरे ही रोज मेजा रोड रेलवे क्रासिंग की चहारदीवारी पर पैकेट रखा मिला जिसे करीब से देखकर लोगों ने बम समझा। बम निरोधक दस्ते ने मौके पर जाकर उस कथित बम को खोला तो उसमें तार, सर्किट, घड़ी और बारूद मिला। एक पत्र भी था जिसमें नैनी की एक कंपनी के एमडी से दस करोड़ रुपये की डिमांड की गई थी। पिछले हफ्ते शुक्रवार को वाराणसी से मुंबई जा रही महानगरी एक्सप्रेस के टायलेट में भी वैसा ही फर्जी बम रखा मिले जिसमें तार, दस छड़, टाइमर और बारूद था। साथ ही रेल मंत्री के नाम पत्र था जिसमें हादसों में मृत या घायलों के लिए मुआवजे का जिक्र था॥  उस मामले की जांच जारी थी कि अब गुरुवार सुबह मेजा रोड रेलवे ओवरब्रिज पर भी ऐसा ही बम जैसा पैकेट रखा मिला। यह बम भी पिछले दो फर्जी बम की तरह जोड़कर बनाया गया था। उसमें भी तार, सर्किट, बाइक की बैट्री, बारूद तथा रेल मंत्री के नाम पत्र था। इन सभी तीन बमों की बनावट तथा बारूद के परीक्षण से यह साफ हो गया है कि इन बमों में धमाका होना ही नहीं था। ऐसे फर्जी बम तो बच्चे भी तार, सर्किट, जोड़कर बना सकते हैं। उन तीनों फर्जी बम में पटाखों का बारूद था। न तार जुड़े थे न सर्किट और न बैट्री। आईजी जोन आरके चतुर्वेदी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि यह किसी  सिरफिरे की बेहूदा शरारत भर है। हो सकता है कि वह रेलवे से किसी न किसी तरह जुड़ा हो लेकिन यह साफ है कि इन बमों में कोई भी धमाका नहीं होना था। इस सिरफिरे की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। उसे जल्द पकड़ लिया जाएगा। इन फर्जी बमों से किसी भी तरह डरने की जरूरत नहीं है। कोई संदिग्ध वस्तु दिखे तो लोग पुलिस को फौरन सूचना दें बस। कुछ अरसा पहले नोएडा में भी एक बिगडै़ल युवक ने ही यूं ही कई जगह फर्जी बम रखकर खलबली मचा दी थी जिसे पकड़ने पर सारा खुलासा हो गया था।
एसएसपी केएस इमेनुएल ने भी शनिवार को मेले में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दो बार मेजा में और एक बार ट्रेन के भीतर मिले बम में कोई दम नहीं था। वह पटाखा की तरह दग भी नहीं सकता था। यह किसी सिरफिरे की करतूत है। उसे जल्द दबोच लिया जाएगा।
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