ओंकार अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कुशमुनि पर बुधवार की दोपहर बम से जानलेवा हमला किया गया। कुशमुनि ने पुलिस को बताया कि दो स्कूटी पर सवार चार हमलावरों ने उनको लक्ष्य कर ताबड़तोड़ दो बम धमाके किए। उन्होंने आश्रम में छिपकर जान बचाई। सूचना मिलने के बाद सिविल लाइंस के सीओ और एसपी सिटी घटनास्थल पर पहुंचे। इस मामले में कुशमुनि ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य आनंद गिरि पर हमला कराने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
सिविल लाइंस स्थित परिवहन निगम के बस अड्डे के सामने सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ के गेट पर बमबाजी की घटना दोपहर 1:20 बजे हुई। आचार्य कुशमुनि आश्रम के द्वार पर खड़े थे, तभी दो स्कूटी पर सवार चार युवक आकर रुके। चारों युवकों ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। स्कूटी से उतर कर युवकों ने पहले एक बम फेंका। बम फटते ही कुशमुनि भागने लगे। तबतक दूसरा बम मार दिया गया। बमबाजी के बाद बदमाश सुभाष चौराहे की तरफ भाग गए। कुछ देर में ही मौके पर भीड़ लग गई। डायल-100 के अलावा डीएम,एसएसपी को उन्होंने फोन पर हमले की सूचना दी। कुछ देर में ही इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अवधेश प्रताप, सीओ और एसपी सिटी सिद्धार्थ शंकर मीणा मौके पर पहुंच गए। मौके पर बम के छर्रे पाए गए। छर्रे मंदिर के टिन शेड में भी लगे थे। उन्होंने एसपी सिटी को बताया कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने एक अधिकारी के कहने पर उनको फर्जी बाबाओं की सूची में शामिल किया था। फूलपुर के उप चुनाव में वह अपने शिष्य आनंद गिरि को टिकट दिलवाना चाहते थे। भाजपा का नेता होने के नाते इसका मैंने विरोध किया था। इससे चिढ़ कर नरेंद्र गिरि और आनंद उनकी जान लेना चाहते हैं।