थरवई थाना क्षेत्र के पारनडीह गांव में नीम पेड़ काटने को लेकर हुए विवाद में साठ वर्ष की सुशीला देवी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। परिजन जब तक उनको लेकर एसआरएन अस्पताल पहुंचते, सांसें थम चुकी थीं। महिला के पति रामचंद्र मिश्र ने पड़ोसी उदयशंकर मौर्य, उसके दो बेटे मेधा, भैयन, एक अन्य पड़ोसी भंडारी और उसकी पत्नी चमेला देवी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर दे दी। रामचंद्र का उनके भतीजे कृष्णाकांत से नीम का पेड़ काटने को लेकर झगड़ा हो गया था। मारपीट की खबर थरवई थाने पहुंची तो दोनों पक्षों का शांतिभंग की आशंका के तहत धारा 151 में चालान कर दिया गया। कृष्णाकांत का साथ देने पर उदयशंकर का भी चालान कर दिया गया था। रामचंद्र और कृष्णाकांत ने तो जमानत करवा ली थी लेकिन उदयशंकर रह गया था।
उसने शुक्रवार को सोरांव तहसील जाकर जमानत करवाई। इसी बात को लेकर वह काफी भड़का हुआ था। आरोप है कि शाम चार बजे के आसपास जब रामचंद्र और उनका छोटा बेटा भवानी शंकर कहीं गए हुए थे तो उदयशंकर घर पर पहुंच गया और गालियां देने लगा। शोरशराबा बढ़ने पर सुशीला देवी अपनी दो बेटियों के साथ बाहर आईं और उदयशंकर का विरोध किया। आरोप है कि इसी बीच उदयशंकर और भंडारी के परिवार के लोग लाठी डंडा लेकर उन पर टूट पड़े। उनका सिर फट गया और वह गिर पड़ीं। घर पर मौजूद दो बेटियां भी उनको बचा नहीं पाईं। खबर पाकर रामचंद्र घर पहुंचे और सुशीला देवी को लेकर रात आठ बजे एसआरएन अस्पताल आए। वहां उनको मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजन थरवई थाने पहुंचे और उदयशंकर, उसके बेटे मेधा, भैयन, पडोसी भंडारी और उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या रिपोर्ट दर्ज करने की तहरीर दी। देर रात तक एफआईआर नहीं दर्ज की गई थी। आरोपी घर छोड़कर भागे हुए हैं। सुशीला देवी का बड़ा बेटा देवीशंकर बाहर रहता है। तीन बेटियों में से एक की शादी हो चुकी है।