बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मुकाबले इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) इस बार भी प्रवेश प्रक्रिया में पिछड़ गया। बीएचयू में प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है जबकि इविवि में अब तक यह भी तय नहीं हुआ कि परीक्षा का आयोजन किस एजेंसी के जिम्मे होगा। पिछले साल भी इविवि में बीएचयू के मुकाबले प्रवेश प्रक्रिया पिछड़ गई थी। इसकी वजह से विभिन्न पाठ्यक्रमों में पर्याप्त संख्या में विद्यार्थी न मिलने के कारण इविवि प्रशासन को कई बार कटऑफ अंक नीचे लाना पड़ा था।
बीएचयू में प्रवेश के लिए 22 जनवरी से आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बीएचयू में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 21 फरवरी निर्धारित की गई है। वहीं, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कुछ दिनों पहले प्रवेश समिति के निदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की गई है। इविवि में प्रवेश परीक्षा के लिए अब तक बजट भी मंजूर नहीं हुआ है। बजट स्वीकृत होने के बाद टेंडर निकाला जाएगा और फिर ऑनलाइन आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा के आयोजन के लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में ही कम से कम माह भर का समय लग जाएगा। पिछले साल भी इविवि में प्रवेश की यही हालत थी। यूजी-पीजी में प्रवेश के लिए 21 अप्रैल से आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
इविवि के मुकाबले बीएचयू ने प्रवेश परीक्षा का परिणाम भी पहले जारी कर दिया था। बड़ी संख्या में पूर्वांचल के विद्यार्थी बीएचयू के साथ इविवि में भी प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। पिछली बार अच्छी रैंकिंग पर सफल घोषित किए गए विद्यार्थियों ने बीएचयू में पहले प्रवेश ले लिया था, जिसकी वजह से इविवि प्रशासन को कई पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कटऑफ अंक काफी नीचे लाना पड़ा था। इस बार भी यही हालत रही तो इस तरह की समस्याएं फिर सामने आएंगी।
परीक्षा समिति के निदेशक प्रो. एचएस उपाध्याय का कहना है कि बीएचयू का अपना सेटअप है जबकि इविवि को एजेंसी के माध्यम से परीक्षा का आयोजन करना पड़ता है। इस वजह से थोड़ा विलंब होता है। एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया फरवरी के अंतिम या मार्च के पहले सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है।