एक्सिस बैंक के 22.39 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में बुधवार को शुआट्स कुलपति आरबी लाल जांच टीम के सवालों का जवाब देने सिविल लाइंस थाने पहुंचे। वहां करीब साढ़े पांच घंटे तक उनसे पूछताछ की गई। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की ओर से गठित टीम के साथ ही एसपी क्राइम ने भी पूछताछ की। शाम करीब साढ़े चार बजे आरबी लाल थाने से निकले। उन्हें पांच मार्च तक सिविल लाइंस थाने में रोजाना पूछताछ के लिए उपस्थित होना पड़ेगा।
घोटाले मामले में शुआट्स वीसी आरबी लाल भी आरोपी हैं। आरबी लाल की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी पर रोक लगाने और प्राथमिकी रद्द करने की मांग की गई थी। लेकिन हाईकोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका दाखिल की। पिछले दिनों मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर पांच मार्च तक रोक लगा दी। साथ ही यह भी आदेश दिया कि वीसी पूछताछ के लिए सिविल लाइंस थाने में हर दिन निर्धारित समय तक उपलब्ध रहेंगे। आदेश की प्रति मिलते ही क्राइम ब्रांच की ओर से पूछताछ के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। मंगलवार को आरबी लाल पूछताछ के लिए उपलब्ध नहीं हुए। जिसके बाद जीडी में तस्करा दर्ज कराया गया था। बुधवार को सुबह 11 बजे के करीब आरबी लाल सिविल लाइंस थाने पहुंचे। उनके साथ उनके वकील और कुछ अन्य लोग थे। क्राइम ब्रांच की ओर से गठित टीम के सदस्यों ने उनसे प्रकरण के संबंध में जानकारी हासिल की। शाम 4.30 बजे के करीब वह थाने से रवाना हो गए। पूछताछ के दौरान एसपी क्राइम बृजेश कुमार मिश्र के अलावा जांच टीम के तीन सदस्य मौजूद रहे।
टीम में शामिल सीओ कर्नलगंज आलोक मिश्रा व सिविल लाइंस थाने के एसआई भुवनेश चौबे बुधवार को अलग-अलग कारणों से पूछताछ के लिए नहीं आ सके। बाद में शुआट्स के प्रवक्ता एसबी सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार कुलपति आरबी लाल तय समय पर सिविल लाइंस थाने में उपलब्ध हुए। उन्होंने जांच टीम के द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दिया। जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा।