धूमनगंज के झलवा में रविवार सुबह घर के सामने सूरजकली कुशवाहा और उनके बेटे नरेंद्र को गोली मारने की घटना में नामजद पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके करीबी प्रापर्टी डीलर कपिलदेव त्रिपाठी की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नामजद एफआईआर के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों की हमले में क्या भूमिका है? अतीक के खिलाफ सूरजकली ने पहले भी बंधक बनाकर जबरन जमीन लिखाने का केस लिखाया था जिसमें अतीक को जेल जाना पड़ा था। मगर कहा जा रहा है कि बाद में उनके बीच सुलह हो गई थी।
मीडिया के सामने सूरजकली की बेटी सुनीता द्वारा अतीक को मामा बोले जाने से भी साफ है कि उनके बीच वैसी अदावत नहीं रह गई थी। फिर इस हमले की कहानी पुलिस के गले भी नहीं उतर रही। अतीक ने तो कहा है कि गोली मारने में तेल चोरों का हाथ हो सकता है जो झलवा में सक्रिय हैं। एसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद ने कहा कि हर पहलू पर जांच हो रही है। बदमाशों की तलाश में मुखबिरों को भी लगाया गया है। उधर, बसपा विधायक पूजा पाल ने घायल मां-बेटे से मिलने के बाद थाने का घेराव किया और कहा कि हमले के पीछे अतीक के ही लोगों का हाथ है।