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असलहा तस्कर दबोचा, छह हथियार बरामद

Sun, 08 Nov 2015 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने असलहों की तस्करी करने वाले गिरोह के एक बदमाश को जार्जटाऊन इलाके में गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से चार पिस्टल और दो तमंचा समेत कई कारतूस बरामद किए गए। वह बिहार के मुंगेर से असलहे लाकर यहां बेचता रहा है। गिरोह का मुखिया इस वक्त नैनी जेल में बंद है। उसके ही इशारे पर यह बदमाश असलहे लाकर यहां सप्लाई कर रहा था। वह भी कुछ समय पहले जेल से छूटा था। पूछताछ में यह भी जानकारी मिली कि संभल जनपद का एक मदरसा शिक्षक भी नाजायज हथियारों की खरीद-फरोख्त में शामिल है।
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एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट के सीओ प्रवीण सिंह चौहान के मुताबिक, शनिवार सुबह सूचना मिली कि नाजायज असलहों की तस्करी करने वाला एक अपराधी जार्जटाउन में कुंदन गेस्ट हाऊस के आगे रेलवे डॉट पुल के पास मौजूद है। एसटीएफ की टीम ने वहां घेराबंदी कर असलहा तस्कर को दबोच लिया। उसके पास बैग में प्वाइंट 32 बोर के चार पिस्टल, 315 बोर के दो तमंचे, आठ मैगजीन, चार कारतूस और नगदी मिली। उसे थाने लाकर पूछताछ की गई तो पता चला कि वह जौनपुर में शाहगंज इलाके के पुराना चौक निवासी मोहम्मद अहमद है।

वह बाराबंकी जनपद के हथियार तस्कर सरगना हाफिज के गिरोह से जुड़ा है। कुछ महीने पहले एसटीएफ ने ही अहमद को धूमनगंज में चार पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। फिर सरगना हाफिज भी यहां पकड़ा गया। वह नैनी जेल में बंद है।
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इधर, अहमद पिछले महीने जेल से छूटने के बाद सरगना हाफिज के कहने पर बिहार में मुंगेर से अवैध असलहे लाकर अपराधियों को बेचने लगा। अबकी वह मुंगेर में जमशेद और गोलू से असलहे लेकर इलाहाबाद में यासिर को देने आया था। अहमद ने बताया कि पिछली दो खेप में वह मुंगेर से 12 पिस्टल लाया था। उनमें सात पिस्टल प्रतापगढ़ जेल में बंद अपराधी अली के एक साथी को दिया। बाकी पांच पिस्टल संभल जनपद में एक मरदसा शिक्षक मौलाना उर्फ हाफिज को  दिए थे। उसी मौलाना ने संभल के असलम से उसे पांच पिस्टल दिलाए थे जिसे उसने प्रतापगढ़ के एक अपराधी को दिया था। अहमद ने बताया कि नाजायज असलहों के पैसों का पूरा हिसाब जेल में बंद हाफिज ही रखता है। वही गिरोह के अलग-अलग आदमियों के जरिए मुंगेर से असलहे मंगाकर अपराधियों तक सप्लाई कराता है।

एसटीएफ को अहमद से पूछताछ में मालूम हुआ कि मुंगेर में अवैध पिस्टल और तमंचे तो आसानी से मिलते ही हैं। वहां साढे़ तीन लाख रुपये में एके-47 और 60 से 90 हजार में कारबाइन भी खरीदी जा सकती है। वहां नाजायज हथियार बनाने की दर्जनों कारखाने चल रहे हैं। इलाहाबाद में ही पिछले साल भर में पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ ने करीब सौ नाजायज हथियार बरामद किए, जो मुंगेर से लाए गए थेे। 
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