दिनभर बवाल के चलते इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर मंगलवार को अखाड़ा बना रहा। सुबह वीसी के खिलाफ धरने पर बैठे पूर्व छात्रनेताओं पर हमला किया गया तो कुछ देर बाद ही केपीयूसी छात्रावास के बाहर बमबाजी व पथराव हो गया। उधर छात्रों ने शिक्षकों की बैठक में भी हंगामा कर दिया। पूर्व छात्रनेताओं पर हमले के मामले में तीन नामजद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
इविवि में कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के विरोध में छात्र लाइब्रेरी हॉल गेट पर धरने पर बैठे थे। इस बीच एक गुट ने उनपर हमला कर दिया। इसमें पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह, रोहित मिश्र, दिनेश यादव, निवर्तमान अध्यक्ष अवनीश यादव, विर्तमान महामंत्री निर्भय द्विवेदी समेत कई छात्रनेता चोटिल हो गए। घटना की सूचना पाकर एसएसपी समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। ऋचा की तहरीर पर माइकल सिंह समेत तीन को नामजद करते हुए 300-400 अज्ञात पर मुकदमा लिखा गया। ऋचा समेत अन्य पूर्व छात्रनेताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि आंदोलन को प्रभावित करने के लिए कुलपति ने गुंडे भेजे थे और उन्हीं के इशारे पर हमला किया गया। उन्होंने एसएसपी से मिलकर कुलपति, रजिस्ट्रार और पीआरओ पर एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की। देर शाम कुलपति के खिलाफ गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने भी धरना दिया।
इसके बाद ढाई बजे के करीब केपीयूसी हॉस्टल के पास दो प्रत्याशियों के समर्थकों में भिड़ंत हो गई, जिसके बाद पथराव-बमबाजी हुई। मामले में एक पक्ष की ओर से थाने में तहरीर दी गई है। उधर इससे पहले कुलपति के समर्थन में सीनेट हॉल में ऑटा और ऑक्टा की बुलाई संयुक्त बैठक में जमकर हंगामा हुआ। बैठक शुरू होने से पहले ही यहां पहुंचे छात्र नेताओं ने कुलपति के खिलाफ नारेबाजी करते हंगामा शुरू कर दिया। मेज-कुर्सियां उठाकर फेंक दिए गए। हंगामा बढ़ने पर बैठक स्थगित कर दी गई। शिक्षकों ने अभद्रता का आरोप भी लगाया है। उधर बिना अनुमति जुलूस निकालने के आरोप में पांच प्रत्याशियों व 100-150 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई।