पुलिस, पीएसी और अग्निशमन विभाग में उपनिरीक्षक, प्लाटून कमांडर और सेकेंड अफसर फायर बिग्रेड के 2707 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। आरोप है कि परीक्षा में पूछे गए एक सवाल का आंसर की में गलत उत्तर दिया गया है जबकि याचीगण ने सही उत्तर दिए हैं। कोर्ट ने इस मामले पर पुलिस भर्ती बोर्ड से जवाब तलब किया है। पूछा है कि प्रश्न का उत्तर बदलने का क्या आधार है। मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी।
जसविंदर सिंह और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक 2707 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन 17 जून 2016 को जारी किया गया था। इसकी ऑनलाइन लिखित परीक्षा 12 दिसंबर से 22 दिसंबर 2017 तक आयोजित की गई। परीक्षा में गणित, हिंदी, रीजनिंग और सामान्य ज्ञान के चार प्रश्नपत्र थे। याची ने 12 दिसंबर को तीसरी पाली में परीक्षा दी थी। दो जनवरी 2018 को आंसर की जारी की गई।
इसके अनुसार याची के उत्तर सही थे और वह अनिवार्य 50 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सकता था। आठ मार्च 2018 को संशोधित आंसर की जारी की गई जिसमें संविधान से जुड़े एक प्रश्न का उत्तर बदल दिया गया। उत्तर बदलने से याची के 2.5 अंक कम हो गए जिससे उसके अंक 50 प्रतिशत से कम हो गए। कोर्ट ने पुलिस भर्ती बोर्ड से पूछा है कि एक प्रश्न का उत्तर बाद में बदलने का क्या आधार है। याचिका पर 30 मार्च तक जवाब देना है।