नवाबगंज इलाके में शुक्रवार आधी रात लखनऊ हाईवे के बगल मवेशी चुराने आए पशु तस्करों ने विरोध पर दूधिए मोदी यादव (52) की गोली मारकर हत्या कर दी। पशु चुराने में नाकाम बदमाश पैदल ही भाग गए। इस घटना के लिए पुलिस को दोषी ठहराते हुए लोगों ने रात में ही जाम लगाया तो किसी तरह पुलिस अफसरों ने समझाकर उन्हें हटाया। शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव को लखनऊ हाईवे पर रखकर लोगों ने फिर जाम लगा दिया गया। उन्होंने थानेदार के निलंबन, बीस लाख रुपये मुआवजा, आवास, शस्त्र लाइसेंस की मांग करते हुए पुलिस विरोधी नारे लगाए। तकरीबन तीन घंटे बाद मांग पूरी होने का भरोसा देकर पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने परिजनों और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया।
कसारी गांव निवासी मोदी यादव (52) दूध बेचकर पत्नी कलावती, तीन बेटियों और दो बेटों के साथ गुजारा करता था। उसका घर लखनऊ हाईवेे किनारे है। सड़क के दूसरे तरफ पशुबाड़े में मवेशी बांधे जाते हैं। करीब सवा महीने पहले भी उसकी एक भैंस को पशु चोर ले गए थे, इसलिए तब से वह सतर्क रहने लगा था। शनिवार आधी रात करीब साढ़े बारह बजे घर के बाहर लेटे मोदी ने पशुबाड़े की तरफ चार-पांच लोगों को दबे पांव जाते देखा तो शोर मचाकर उधर दौड़ा। पत्नी कलावती और बेटे मान सिंह ने रोकने का प्रयास किया लेकिन वह लाठी लेकर बदमाशों के पास पहुंच गया। उसने एक बदमाश को दबोचा तो बाकी चोर उस पर टूट पड़े। एक बदमाश ने तमंचा से फायर किया तो गोली मोदी और उसके पुत्र के बीच से निकल गई। मोदी की पकड़ ढीली होने पर चोर निकलकर भागा। तभी बदमाश ने उस पर दूसरा फायर कर दिया। गोली उसके सीने के पास लगी।
वह चीखकर गिर गया। सभी बदमाश पैदल कूडेसर गांव की तरफ भाग गए। कौड़िहार चौराहे पर एक मैजिक खड़ी थी जो बदमाशों के जाने के बाद निकल गई। अनुमान है कि उसमें ही बदमाश पशुओं को चुराकर ले जाते। घायल मोदी को शहर में बेली अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत बता दिया गया। इसके बाद शव को वापस ले जाकर रात में ही ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। तब सीओ सोरांव और एसओ ने किसी तरह लोगों को मना लिया।
गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद मोदी का शव घर के पास सड़क पर रखकर दोबारा चक्काजाम कर दिया। उन्होंने पशु तस्करों पर काबू पाने में नाकाम थानेदार नवाबगंज रामआशीष उपाध्याय के निलंबन, बीस लाख रुपये मुआवजा, तीन शस्त्र लाइसेंस दिलाने की मांग रख दी। खबर पाकर वहां एसडीएम सोरांव, सीओ सोरांव, एडीएम वित्त कई थानों की फोर्स के साथ पहुंच गए। उन्होंने एसएसपी से बात की तो भरोसा दिया गया कि 10 फरवरी को आचार संहिता समाप्त होने पर थानेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। एडीएम ने दस लाख 30 हजार रुपये मुआवजा, लोहिया सरकारी आवास और एक राइफल के लाइसेंस का आश्वासन दिया तब जाकर तीन घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।
दूधिए मोदी यादव की हत्या से गमगीन परिजन और गांव वाले पुलिस की देरी से भी भड़क उठे। घटना के फौरन बाद 100 नंबर पर कंट्रोल रूम को सूचना दी गई लेकिन नवाबगंज थाने की पुलिस पहुंची करीब 50 मिनट बाद। इस पर रात में ही लोगों ने जाम लगा दिया। शनिवार को चक्काजाम में विधायक अंसार अहमद, सपा नेता तुलसीराम यादव, जिला पंचायत सदस्य रंधीर यादव, ओमप्रकाश यादव भी वहां पहुंचे।इलाके के लोग और मृतक मोदी यादव के परिजन चीख-चीखकर कह रहे थे कि पुलिस ही इस घटना के लिए दोषी है। उन्होंने कहा कि पुलिस की शह पर ही इलाके में रोज ही पशु तस्कर मवेशी चुराकर ले जाते हैं। एक दिसंबर को भी पशु तस्कर मोदी के मवेशी चुराने आए थे। तब वे एक भैंस चुराकर ले गए थे। नवाबगंज थाने में लिखित शिकायत की गई थी लेकिन पुलिस आज तक चोरों का पता नहीं लगा सकी।