सरायअकिल नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप जायसवाल के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने उनके तीन बेटों आलोक, अभिजीत और अमरेश को रविवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। तीनों को मुट्ठीगंज थाना क्षेत्र के कटघर स्थित घर से पकड़ा गया। आरोप है कि पूर्व अध्यक्ष की मौत के बाद उनके बेटों ने कई अन्य के साथ मिलकर आनंद अस्पताल में तोड़फोड़ की और डॉ. रोहित गुप्ता को बेरहमी से पीटा। तीनों को पुलिस सीधे जेल ले गई। जेल में ही अदालत लगी। इसमें जमानत की अर्जी को खारिज कर तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
वीरेंद्र प्रताप की रविवार भोर में कर्नलगंज थाना क्षेत्र स्थित आनंद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वह लीवर और किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। उनका इलाज डॉ. रोहित गुप्ता कर रहे थे। मौत के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा कर दिया था। अस्पताल में तोड़फोड़ के बाद डॉ. गुप्ता को बुरी तरह पीटा गया था। डॉक्टर आईसीसीयू में एडमिट हैं। उन्होंने पूर्व चेयरमैन के वकील बेटे आलोक और पांच-छह अन्य के खिलाफ जानलेवा हमले, मारपीट, लूट और बलवा करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया था।
आनंद अस्पताल के निदेशक ने भी आलोक और अज्ञात के खिलाफ मारपीट तथा तोड़फोड़ की धाराओं में एफआईआर लिखवाई थी। पुलिस ने अस्पताल से मिले सीसीटीवी फुटेज से तोड़फोड़ तथा मारपीट करने वाले लोगों में से दो की पहचान अभिजीत और अमरेश के रूप में की थी। डॉक्टरों के चक्काजाम और हड़ताल के ऐलान के बाद पुलिस हरकत में आई। बवाल और न बढ़े, इसलिए पूर्व चेयरमैन के तीनों बेटों को एसओ कर्नलगंज विजय प्रताप सिंह ने कटघर स्थित घर से देर रात पकड़ लिया। आलोक की गिरफ्तारी पर हंगामा न हो इसलिए आरोपियों को कचहरी में पेश नहीं किया गया। एसएसपी वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में तोड़फोड़ के मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही बाकी लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।