माघ मेले के झूंसी थाना क्षेत्र में तैनात कांस्टेबल की सोमवार की सुबह रहस्यमय हालात में थाना शिविर के भीतर मौत हो गई। मौत का कारण उसके साथी पुलिसकर्मियों ने मानसिक आघात लगना बताया है। अपने जख्मी बेटे को घर जाकर देखने के लिए वह सीओ मेला से छुट्टी मांग रहा था लेकिन छुट्टी मिली नहीं। इसके चलते वह काफी परेशान था। कांस्टेबल के मौत की खबर उसके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। सभी रोते-बिलखते दोपहर बाद मौके पर पहुंचे। परिजन सीओ मेला के मौके पर आने की जिद पर अड़े हुए थे। मौके पर मौजूद अधिकारियों के समझाने पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चीरघर भेजा गया।
मूलत: गाजीपुर जिले के सैदपुर थाना क्षेत्र के अमीरहा गांव निवासी स्वर्गीय रामधरी राम के चार बेटों में तीसरे नंबर का रामबदन राम (40) पुलिस विभाग में कांस्टेबल पद पर तैनात था। इन दिनों वह इलाहाबाद के यमुनापार के करछना थाना क्षेत्र मे तैनात था। माघ मेले में उसकी तैनाती झूंसी थाना क्षेत्र में थी। रविवार की रात उसने नौ से बारह पहरा पर ड्यूटी दी थी। इसके बाद वह खाना खाकर थाना क्षेत्र के शिविर में बने बैरिक में सोने चला गया। सुबह तकरीबन आठ बजे वह सोकर उठा। थाने के सामने स्थित चाय की दुकान पर चाय भी पी। लौटकर आया और दोबारा बैरिक में जाकर अपने बिस्तर पर लेट गया। काफी देर बाद भी जब वह नहीं उठा तो अन्य पुलिसकर्मी उसे उठाने के लिए गए। कई बार आवाज लगाने पर भी रामबदन नहीं उठा। पास जाकर पुलिसकर्मियों ने देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। संभवत: दिल का दौरा पड़ने के कारण उसकी मौत हो गई थी।
कांस्टेबल की मौत से अन्य पुलिसकर्मियों में आक्रोश फैल गया। बताया गया कि तकरीबन दस दिन पहले रामबदन का छोटा बेटा अमित छत से गिरकर जख्मी हो गया था। उसे देखने गाजीपुर जाने के लिए वह सीओ मेला नीति द्विवेदी से छुट्टी मांग रहा था। बताया गया कि रविवार को वह तीन बार सीओ के सामने पेश हुआ लेकिन छुट्टी नहीं दी गई। सीओ के रवैये से वह बेहद परेशान था। कांस्टेबल के मौत की खबर उसके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। दोपहर बाद रोते-बिलखते उसकी पत्नी रीता देवी बेटे दीपक, अमित व ज्योति के साथ मौके पर पहुंची। पति का शव का देख वह बेसुध होकर गिर पड़ी। परिजन मौके पर सीओ मेला के आने की जिद पर अड़े हुए थे लेकिन एसपी मेला व अन्य पुलिस अफसरों ने किसी तरह समझाकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए चीरघर भेजा।
कांस्टेबल रामबदन राम चार भाईयों में तीसरे नंबर पर था। उसका बड़ा भाई फकीर पंजाब में प्राईवट फर्म में नौकरी करता है। राजाराम गाजीपुर में ही ठेले पर फल लगाता है। एक भाई की मौत हो चुकी है। उसके परिवार की जिम्मेदारी भी कांस्टेबल रामबदन पर ही थी। इसी बीच छोटा बेटा अमित छत से गिरकर जख्मी हुआ तो रामबदन बेचैन हो उठा। वह कई दिनों से मानसिक रूप से परेशान था। बेटी ज्योति व बेटा अमित पिता के शव को देखकर जार-जार रोए जा रहे थे।
सीओ मेला नीति द्विवेदी के रवैये को लेकर पुलिसकर्मियों में भारी आक्रोश व्याप्त था। पुलिसकर्मियों ने बताया कि छुट्टी के नाम पर ही सीओ भड़क उठती थीं। आवश्यक कार्य होने पर भी छुट्टी नहीं दी जा रही थी। वह अपने कार्यालय से फटकार कर भगा देती थीं। इस बात की शिकायत पुलिसकर्मियों ने एसपी मेला से भी की। साथी पुलिसकर्मी भी घंटों सीओ मेला के मौके पर आने की जिद पर अड़े रहे। आक्रोश को देखते हुए सीओ मेला नीति मौके पर नहीं आईं।