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विरोध के बीच बाहर हुए 112 अंत:वासी

Sat, 06 Feb 2016 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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 विरोध के बीच शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिन्दू हॉस्टल में रेड डाली गई। 112 अवैध अंत:वासियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया। दिन भर कोशिश के बाद 10 नए छात्रों को कब्जा भी दिलाया गया लेकिन फोर्स के हटने के कुछ देर बाद ही दबंगों ने एक छात्र का सामान बारह फेंक दिया। इससे अन्य नए छात्र भी दहशत में हैं। छात्र की शिकायत पर चीफ प्रॉक्टर की ओर से थाने में तहरीर दी गई है।
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हिन्दू हॉस्टल में रेड हमेशा से चुनौतीपूर्ण रही है। विरोध के चलते पिछली बार रेड नहीं पड़ पाई थी। इसके बावजूद विगत दो दिनों की तुलना में शुक्रवार को फोर्स कम रही। इसके अलावा अधीक्षक के मना करने की वजह से बृहस्पतिवार को डायमंड जुबली में रेड नहीं पड़ पाई थी। ऐसे में हिन्दू हॉस्टल में विरोध और तेज हो गया। हालांकि चीफ प्रॉक्टर, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर हर्ष कुमार, सुरक्षा अधिकारी अजय सिंह की मौजूदगी में कार्रवाई हुई। डीएसडब्ल्यू ने बताया कि 112 बेड खाली कराए गए। 10 छात्रों को कब्जा दिलाया गया।

 शेष 102 सीट के लिए नए सिरे से एलाटमेंट होगा।
इसके विपरीत फोर्स जाने के बाद अवैध कब्जा की शिकायत फिर शुरू हो गई। एक छात्र का सामान भी फेंक दिया गया। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर एनके शुक्ला ने बताया कि अधीक्षक  की शिकायत मिली थी। सामान फेंकने का आरोपी भी वैध छात्र है। उसके कमरे में नए छात्र को रखा गया था लेकिन उसने सामान बाहर फेंकवा दिए। एफआईआर के लिए थाने में तहरीर दी गई है।
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 इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कुछ युवकों ने एक छात्र की जमकर धुनाई कर दी। खास यह कि उस पर हमला कुलपति दफ्तर के सामने हुआ। गौर करने वाली बात यह कि सीनेट हाल में मरम्मत का काम चल रहा है और कुलपति इन दिनों रजिस्ट्रार ऑफिस में बैठ रहे हैं। वहीं, चीफ प्रॉक्टर और डीएसडब्ल्यू समेत अन्य अफसर हिन्दू हॉस्टल में रेड की कार्रवाई में शामिल थे। ऐसे में अराजकता पर आमादा युवकों को कोई रोकने वाला भी नहीं था। अराजक तत्वों ने छात्र की दौड़ाकर पिटाई की। इससे उसके सिर में गंभीर चोट लगी है। परिसर में इस तरह से छात्र की पिटाई से दहशत फैल गई तथा अन्य विद्यार्थी इधर-उधर भागने लगे। हमलावर एक हॉस्टल के अंत:वासी बताए जा रहे हैं। छात्रों का कहना था कि डेलीगेसी के विद्यार्थियों के साथ अक्सर मारपीट होती है और आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। शेष नारायण आदि विद्यार्थी घायल छात्र को अस्पताल ले गए। छात्र की ओर से आरोपियों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है।
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