शहर के सूबेदारगंज इलाके में रेलवे स्टेशन के निकट रविवार आधी रात एक युवक को जिंदा जलाकर मार डाला गया। स्टेशन पर तैनात आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के जवानों ने युवक को जलता देख पास जाकर आग बुझाने की कोशिश की, साथ ही कंट्रोल रूम में फोन से खबर दी। मौके पर धूमनगंज थाने की पुलिस पहुंची तो युवक की मौत हो चुकी थी। शव को पोस्टमार्टम हाउस में रख दिया गया। मारा गया युवक कौन था? वह कहां का रहने वाला था? किन लोगों ने उसे मार डाला और क्यों? यह फिलहाल रहस्य बना है। पुलिस मृतक की पहचान कराने की कोशिश कर रही है।
रविवार देर रात करीब एक बजे का वाकया है। सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ के जवानों को कुछ दूर पर सीएसटी रोड किनारे रेलवे लाइन के पास आग का गोला नजर आया। वे पास पहुंचे तो वहां एक युवक को जलता देखा। आरपीएफ जवान फौरन आसपास से मिटट्ी उठाकर डालने लगे, मगर आग बुझने तक में युवक की मौत हो चुकी थी। उन्होंने 100 नंबर पर कंट्रोल रूम को सूचना दी तो कुछ देर बाद धूमनगंज थाना प्रभारी एमएस देव वहां पहुंचे। मृतक लगभग 35 साल का युवक था। उसके शरीर पर कमीज और पैंट थी जो आग में तकरीबन जल गई थी।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा दिया। इंस्पेक्टर धूमनगंज ने सोमवार रात बताया कि मारे गए युवक की पहचान नहीं हो सकी है। इलाहाबाद के साथ ही कौशाम्बी पुलिस को भी इस बारे में जानकारी दी गई है ताकि किसी आदमी के गुम होने की खबर आए तो परिजनों को पोस्टमार्टम हाउस भेजकर शव की शिनाख्त कराई जा सके। शक है कि युवक को पहले मारा गया, फिर उसकी पहचान छुपाने के लिए बेहोशी की हालत में पेट्रोल या मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी गई। यह भी तय है कि उसे वहां तक किसी फोर व्हीलर में लाया गया होगा। मारे गए युवक की पहचान होने पर ही हत्याकांड की जांच आगे बढ़ सकेगी।