मल्ट्री क्रेडिट कंपनी के कर्मचारियों से बरामद गबन की रकम कंपनी के चेयरमैन को अवमुक्त करने की प्रक्रिया रविवार रात अंतिम चरण में पहुंच गई। पुलिस आधी रात तक सभी नोटों की फोटोस्टेट कॉपी कराने में जुटी रही। पुलिस का कहना था कि सोमवार सुबह तक मालखाने में जमा एक करोड़ 38 लाख रुपये कंपनी के चेयरमैन को सौंप दिए जाएंगे। मालखाने से पैसे चुराने के आरोप में एक सिपाही को भी जेल भेजा गया है।
करीब साल भर पहले इस कंपनी के एक करोड़ 86 लाख रुपये हड़पकर भाग रहे कर्मचारियों को नैनी इलाके में गिरफ्तार कर पुलिस ने एक करोड़
62 लाख रुपये से ज्यादा रकम बरामद की थी। यह नगदी नैनी थाने के मालखाना में जमा की गई थी। दूसरे कर्मचारी को 24 लाख रुपये के साथ पकडा गया था। वह रकम कोषागार में जमा की गई थी। कंपनी के चेयरमैन राजकुमार राय की अर्जी पर चार महीने पहले अदालत ने नैनी थाना प्रभारी को मालखाना में जमा रकम अवमुक्त करने का आदेश दिया लेकिन टालमटोल होती रही। फिर कहा गया कि तत्कालीन मालखाना प्रभारी राजेंद्र कुमार का छह महीने पहले भदोही तबादला हो गया है लेकिन वह गायब है। चाभी भी नहीं जमा की थी। दबाव बढ़ने पर पांच रोज पहले राजेंद्र को पुलिस ने कौशाम्बी में पश्चिम शरीरा स्थित उसके घर से पकड़ लिया। फिर चाभी मंगाकर पुलिस-प्रशासनिक टीम के सामने मालखाना खोलकर नोटों की गिनती की गई तो पता चला कि 24 लाख से कुछ ज्यादा रकम गायब है। मालखाना में एक करोड़ 38 लाख रुपये ही थे।
सील टूटी होने से ही अफसरों को शक हो गया था कि नगदी चोरी की गई है। पुलिस को पता चला कि राजेंद्र ने मालखाना से पैसे चुराकर कार खरीदी, मकान बनवाया और नशे में उड़ाए। उसे गबन का मुकदमा लिखकर जेल भेज दिया गया। कोर्ट के आदेश के तहत पैसे रिलीज करने की खातिर रविवार शाम नैनी थाने में नोटों की फोटोस्टेट कॉपी करना शुरू किया गया। कंपनी के चेयरमैन राजकुमार राय भी अधिवक्ता देवेंद्र मिश्र नगरहा के साथ थाने में पहुंचे थे। रकम बरामदगी के वक्त नैनी थाने के एसएसआई रहे बीपी त्रिपाठी को भी शंकरगढ़ थाने से बुलाया गया। उन्होंने नोटों की फोटोस्टेट कॉपी पर दस्तखत किए। आधी रात तक नोटों का फोटोस्टेट किया जाना जारी रहा। थाना प्रभारी रमेश पांडेय ने कहा कि सोमवार सुबह तक रकम चेयरमैन सौंपी जाएगी।