ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन फॉर्म को लेकर बृहस्पतिवार को चाका ब्लॉक में बवाल हो गया। बसपा समर्थित प्रत्याशी ने यह आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि अफसर सत्ता पक्ष के दबाव में उन्हें नामांकन फॉर्म नहीं दे रहे हैं। थोड़ी ही देर में वहां बसपा विधायक दीपक पटेल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे गए। दूसरी ओर से सपा प्रत्याशी के समर्थक आ गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। बवाल बढ़ने पर अफसरों ने पुलिस को सूचना दी तो मौके पर फोर्स ने पहुंचकर बसपाइयों को ब्लॉक कार्यालय से बाहर कर दिया। कई घंटे बाद बसपा समर्थित प्रत्याशी को नामांकन फॉर्म मिला तो बवाल शांत हुआ।
चाका ब्लॉक से सपा ने वंदना यादव को ब्लॉक प्रमुख का प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं, लवायन की रहने वाली संगीता देवी को बसपा का समर्थन प्राप्त है। संगीता बुधवार को ब्लॉक कार्यालय नामांकन फॉर्म लेने गई थीं लेकिन अफसरों ने फॉर्म खत्म होने की बात कहकर उन्हें खाली हाथ लौटा दिया। संगीता बृहस्पतिवार को फिर ब्लॉक कार्यालय पहुंची और इस बार भी अफसरों ने फॉर्म उपलब्ध न होने की बात कही। इस पर संगीता और उनके समर्थक अफसरों से भिड़ गए और आरोप लगाने लगे कि सत्ता पक्ष के दबाव में उन्हें फॉर्म नहीं दिया जा रहा है। मामला बढ़ने पर बसपा विधायक दीपक पटेल भी मौके पर पहुंच गए।
दूसरी ओर से सपा प्रत्याशी के समर्थक पहुंच गए। सपा और बसपा समर्थक आपस में भिड़ गए। स्थिति बिगड़ते देख अफसरों ने पुलिस को सूचना दी फोर्स ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और बसपा समर्थकों को बाहर कर दिया। इससे बसपाई और भड़क गए। स्थिति बिगड़ने पर अफसरों ने संगीता देवी को कार्यालय में बुलाकर बैठा लिया। दो घंटे बाद उन्हें नामांकन फॉर्म दे दिया गया। फॉर्म मिलने पर संगीता ने आशंका जताई के घर लौटते वक्त उनपर हमला हो सकता है। इस पर एसपी यमुनापार ने पुलिस सुरक्षा में उन्हें घर भेजने की व्यवस्था की। उधर, बीडीओ हरिश्चंद्र चौधरी का कहना है कि संगीता देवी के घर वाले फॉर्म लेने आ रहे थे लेकिन प्रत्याशी को साथ नहीं ला रहे थे। इसलिए फॉर्म नहीं दिया रहा था। अब तक 43 फॉर्म बिक चुके हैं। संगीता के खुद आने पर उन्हें भी फॉर्म दे दिया गया है।