ट्रेनों के महिला कोच में मनाही के बावजूद सफर करने पर पुरुष यात्रियों को सजा भुगतनी पड़ी है। उत्तर मध्य रेलवे जोन में बीते एक साल में चले अभियान के दौरान महिला कोच से सात हजार से ज्यादा पुरुष यात्री उतारे गए और उनसे लाखों का जुर्माना भी वसूला गया। बहुत से लोगों को हवालात की हवा भी खानी पड़ी। ट्रेनों के महिला कोच में सुरक्षा के मद्देनजर उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद, फतेहपुर, मिर्जापुर, कानपुर, चुनार, इटावा, टूंडला, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, ग्वालियर, झांसी आदि स्टेशनों से गुजरने वाली तमाम ट्रेनों के महिला कोच की चेकिंग की गई।
इस दौरान महिला कोच में सफर करने के आरोप में आरपीएफ की ओर से 7066 पुरुष यात्रियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही इन यात्रियों से 1.18 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं ट्रेनों की छत पर सफर करने वाले लोगों की भी खूब धरपकड़ हुई। उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद, आगरा एवं झांसी मंडल में अभियान के दौरान 1562 लोगों को हवालात की हवा खानी पड़ी। इनसे मौके पर 2.64 लाख का जुर्माना वसूला गया। रेलवे अफसरों का कहना है कि आगे भी ऐसा अभियान जारी रहेगा।
‘महिला कोच में पुरुष यात्री सफर नहीं कर सकते हैं। अगर पुरुष यात्री सफर करते हैं तो उनके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा ट्रेनों की छत पर सफर करना भी दंडनीय अपराध है।’
00 अमित मालवीय, पीआरओ, एनसीआर।