आबकारी कॉलोनी के गैरेज में कुकर में नोट मिलने के एक पखवाड़े बाद आखिरकार रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर कैंट पुलिस ने आबकारी विभाग के अपर आयुक्त (लाइसेंसिंग) के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। उन पर नोट चुराने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है। रिपोर्ट सोमवार को राजापुर चौकी प्रभारी अमित कुमार दुबे की ओर से दर्ज कराई गई है। उनकी ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि 21 जुलाई को सरकुलर रोड, राजापुर स्थित पिंक कॉलोनी निवासी जोन एक्स कमिश्नर जेबी सिंह ने फोन से सूचना देकर बताया कि कॉलोनी के बड़े गैरेज में कुछ करेंसी नोट मिले हैं। इस पर कैंट पुलिस के साथ ही वह भी पहुंचे। सूचना पाकर एसडीएम सदर भी पहुंच गए। वहां नोटों की गिनती की गई तो कुल 7,93,500 रुपये बरामद हुए। मामले की जांच एसएसपी ने सीओ सिविल लाइंस को सौंपी थी।
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पूछताछ व स्थलीय निरीक्षण से पाया गया कि आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का बयान अलग-अलग है। पूछताछ के दौरान मिले बयानों से फिलहाल यह निश्चित है कि गैराज में लगभग 28 लाख रुपये बरामद हुए। लेकिन आबकारी उच्चाधिकारियों के माध्यम से पुलिस को केवल 7.935 लाख रुपये ही सुपुर्द कराए गए। ऐसे में साफ है कि अन्य रुपयों की चोरी की गई। अपर आबकारी आयुक्त(लाइसेंसिंग) अविनाशमणि त्रिपाठी की ओर से अपने बयान में कहा गया है कि उन्होंने मौके पर जाकर नहीं देखा कि कुल कितने रुपये कुकर में थे, जो विश्वसनीय नहीं है। जबकि मौके पर मौजूद रहे प्लंबर विल्सन मैसी ने अपने बयान में कहा है कि बरामद पूरी धनराशि अविनाशमणि के घर पहुंचाई गई थी। ऐसे में साफ है कि मौके से करीब 20 लाख रुपये की चोरी की गई। सीओ श्रीश्चंद्र का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर अपर आबकारी आयुक्त अविनाश मणि त्रिपाठी पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
तीन दिन पहले हुआ था आदेश
नोट मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश तीन दिन पहले दिए गए थे। जांच पूरी होने के बाद सीओ सिविल लाइंस ने रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद एसएसपी ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। हालांकि कुछ तकनीकी वजहों से रिपोर्ट दर्ज करने में देरी हुई। उच्चाधिकारियों से विचार विमर्श के बाद कैंट पुलिस ने सोमवार दोपहर मुकदमा दर्ज कर लिया।
सीओ कोतवाली करेंगे जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों की ओर से केस की विवेचना का जिम्मा सीओ कोतवाली को सौंपा गया है। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि कैंट थाने में दर्ज मामले की विवेचना सीओ कोतवाली व एएसपी शिवराज करेंगे। विवेचना के दौरान किसी अन्य व्यक्त्ति की संलप्तिता पाई जाती है तो उसका भी नाम एफआईआर में समाहित किया जाएगा। विवेचना के दौरान ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई। इसके अलावा इस पूरे प्रकरण की जानकारी आयकर विभाग को भी दी जाएगी।
इलाहाबाद। आबकारी कॉलोनी में नोटों भरे कुकर में 7.93 लाख रुपये से अधिक रकम होने की पुष्टि आबकारी विभाग की जांच में भी हो गई है। विभागीय जांच में पुष्टि होने के बाद अब आरोपी अधिकारी के खिलाफ शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। आबकारी आयुक्त धीरज साहू ने आबकारी आयुक्त प्रशासन ओपी आर्या को इस मामले की जांच सौंपी थी। जांच के दौरान मौके पर मौजूद आधा दर्जन से अधिक लोगों के बयान और वहां मिले सुबूतों के आधार पर उसमें अधिक रकम की पुष्टि हुई है। विभागीय सूत्रों का कहना है पुलिस के आने से पहले कुकर में 30 लाख रुपये थे। इसका बड़ा हिस्सा गायब कर दिया गया। बरामदगी के दौरान मौजूद एक आबकारी कर्मी ने पूरा किस्सा पुलिस को भी बयान किया। पुलिस को दर्ज कराए बयान में उसने सीधे-सीधे अपर आयुक्त लाइसेंस अविनाश मणि त्रिपाठी के ऊपर आरोप लगाए। उसने सुबूत के तौर पर गैराज में मौजूद कपड़े एवं अन्य इस्तेमाल होने वाली सामग्रियां भी जांच अधिकारी को दिखाईं।
बता दें कि 21 जुलाई को राजापुर स्थित आबकारी विभाग कॉलोनी में सहायक एल्कोहल टेकभनोलॉजिस्ट दीपक रस्तोगी के सरकारी क्वार्टर के पीछे बने गैरेज में नोटों से भरा कुकर मिला था। रुपयों भरा कुकर मिलने की सूचना के बाद जब पुलिस पहुंची तब सिर्फ 7.93 लाख रुपये निकले। जांच के दौरान पुलिस के पास नोटों की गिनती की क्लिप के अलावा एक ऑडियो क्लिप भी है। इस क्लिप में कर्मचारी आरोपी अफसर के कई राज से पर्दा उठाते हुए सुनाई पड़ रहा है। वहीं, आबकारी अपर आयुक्त प्रशासन एवं जांच अधिकारी ओपी आर्या का कहना है मंगलवार तक रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
विभागीय जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
धीरज साहू, आबकारी आयुक्त