मां की संपत्ति को वरासत में दर्ज करने के लिए मऊआइमा इलाके के एक व्यक्ति से दो लाख रुपये की घूस मांग रहे लेखपाल वैद्यनाथ तिवारी पर कानूनी शिकंजा कस गया। बृहस्पतिवार दोपहर सोरांव में नहर ददौली के पास उसे पचास हजार रुपये नगद और चेक लेते हुए सतर्कता विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। उसे सोरांव थाने ले जाकर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम का नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया।
मऊआइमा के दुबारी गांव निवासी निसार अहमद की मां का दिसंबर में इंतकाल हो गया था। तब से वह पैतृक संपत्ति को वरासत के तहत अपने नाम कराने के लिए हल्का लेखपाल बैजनाथ तिवारी से लगातार आग्रह कर रहा था मगर आरोप है कि लेखपाल उससे दो लाख रुपये घूस मांग रहा था। परेशान होकर निसार ने इस बारे में बुधवार को पुलिस विभाग के सतर्कता अधिष्ठान इलाहाबाद के एसपी घनश्याम चौरसिया से मिलकर शिकायत की। एसपी ने कार्रवाई के लिए इंस्पेक्टर रामसुभग राम के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित कर दी। बृहस्पतिवार दोपहर लेखपाल ने निसार को पचास हजार रुपये नगद और डेढ़ लाख रुपये का चेक लेकर नहर ददौली चौराहा के पास मिलने के लिए कहा।
निसार नगदी और चेक लेकर वहां पहुंचा तो सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप के सदस्य भी आसपास मुस्तैद हो गए। लेखपाल बैजनाथ ने जैसे ही निसार से चेक और रकम ली, ट्रैप टीम के सदस्यों ने उसे घेरकर पकड़ लिया। हाथ से नगदी ले ली गई। नोटों की गड्डी पर खास रसायन लगा था जो बैजनाथ के हाथ में चिपक गया। हाथ धुलने पर लेखपाल के हाथ से रंग छूटा। लेखपाल को सोरांव थाने ले जाकर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत केस लिखा गया। उसे शुक्रवार को वाराणसी स्थित भ्रष्टाचार निवारण की विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा। ट्रैप टीम में इंस्पेक्टर ध्रुव सिंह, सारंगधर द्विवेदी, बंशीधर सिंह, दिनेश राय, हेडकांस्टेबल चंद्रपाल शाक्य, सिपाही रोशन अली, अरुण कुमार तिवारी, श्रवण कुमार, कयूम सिद्दीकी और देवीशंकर मिश्र शामिल रहे।