यमुनापार इलाके में मांडा रोड के नहवाई गांव में रविवार सुबह बिजली का जर्जर तार टूटकर गिरने से करंट की चपेट में आकर एक महिला की जान चली गई। सड़क से कुछ फुट ऊंचाई पर लटकते तारों के चलते आए दिन मौतों से नाराज लोगों ने इलाहाबाद-मिर्जापुर मार्ग पर शव रख चक्काजाम कर दिया। एसडीएम मेजा के आदेश पर जेई समेत बिजली कर्मियों के खिलाफ केस लिखे जाने पर पांच घंटे बाद जाम खत्म हुआ।
नहवाई गांव की बिटोला देवी (42) रविवार सुबह घर से कुछ दूरी पर शौच को गई थी। रास्ते में बिजली का जर्जर तार टूटकर उसके ऊपर गिर गया। करंट की चपेट में आकर बिटोला देवी की वहीं मौत हो गई। पता चला तो परिजनों के साथ ही गांव वालों की वहां भीड़ लग गई। पावर सब स्टेशन में सूचना मिलने पर बिजली काटी गई तब जाकर बिटोला देवी का शव तार से अलग किया जा सका। आक्रोशित ग्रामीणों ने उसकी लाश मांडा रोड चौराहे पर रखकर चक्काजाम कर दिया। गुस्साए गांव वालों ने कहा कि शिकायत के बाद भी काफी नीचे तक लटके कमजोर तार नहीं बदले जाते जिसकी वजह से अक्सर लोगों की जान जा रही है। पिछले महीने भर के दौरान ही चार लोग मौत के मुंह में समा गए। अब बिटोला देवी की भी मौत के लिए बिजली विभाग के अफसर जिम्मेदार हैं।
हंगामा होने पर मांडा और मेजा समेत कई थानों की पुलिस वहां पहुंच गई। करीब पांच घंटे तक चक्काजाम के बाद एसडीएम मेजा आशीष कुमार मिश्र और तहसीलदार विनय राय ने पीड़ित परिवार को तत्काल मदद के तौर पर 25 हजार रुपये दिए। साथ ही लापरवाही से मौत के आरोप में एक्सईएन. एसडीओ, जेई, एसएसओ और लाइनमैन के खिलाफ मांडा थाने में एफआईआर लिखी गई। तब लोग शांत हुए और जाम खत्म किया। एसडीएम ने कहा कि जर्जर तारों को बदलने के लिए बिजली विभाग के अफसरों को पत्र लिखा जा रहा है। दो रोज में तार नहीं दुरुस्त हुए तो संबंधित जेई पर कार्रवाई होगी।