हाईकोर्ट को उड़ाने की धमकी देने वाला सादियाबाद का रहने वाला आबिद निकला। शुक्रवार को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से पहचान लिया गया कि यह एडवोकेट शाहिद अली का छोटा भाई आबिद है। पिछले साल तक बड़े भाई के साथ हाईकोर्ट में मुंशी का काम करता रहा है। मानसिक रुप से कमजोर होने के कारण उसे हटा दिया था। इस जानकारी पर पुलिस टीम आबिद के घर पहुंची तो वह नहीं मिला। पुलिस ने उसके पिता वाहिद अली से कई घंटे पूछताछ कर देर शाम छोड़ दिया।
पुलिस अधिकारियों और खुफि या एजेंसियों को गुरुवार देर रात तक यह पता नहीं चला कि धमकी भरा पत्र किसने दिया है। शुक्रवार सुबह बारी बारी से हाईकोर्ट के वकील, सुरक्षा कर्मियों तथा अन्य स्टाफ को सीसी फुटेज दिखाए तो पता चल गया कि गेट नंबर तीन पर धमकी भरा पत्र गिराने वाला थाना कर्नलगंज के मोहल्ला सादियाबाद निवासी आबिद है। इसके बाद कर्नलगंज थाने की पुलिस ने सादियाबाद में उसके घर पर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। तलाशी में उसके कमरे से पुलिस को कुछ जले हुए कागज मिले। जिनमें अधजला एक और धमकी भरा पत्र था, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। उसके पितावाहिद जिला जज के रिटायर्ड पेशकार हैं। उनको पुलिस पूछताछ के लिए थाने ले आई थी।
वाहिद अली ने बताया कि आबिद उनका चौथे नंबर का बेटा है। मानसिक रुप से कमजोर होने की वजह से इलाज भी चल रहा है। वाहिद नेबताया कि आबिद के कामकाज के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं रहती। बड़े बेटे शाहिद अली करेली में अलग से रहते हैं। कुछ साल तक उनके साथ मुंशी का काम करता रहा। खराब आदतों की वजह से बडे़ भाई ने उसे साथ रखना बंद कर दिया। पूर्व में बने पास के आधार पर वह हाईकोर्ट के अंदर जाता रहा है।
पुलिस के अनुसार आबिद को थाना कर्नलगंज पुलिस 2009 में एडीपीएस एक्ट में जेल भेज चुकी है। उसने पत्नी को भी तलाक दे दिया है। मोबाइल की लोकेशन के आधार पर उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियां काल डिटेल निकाल कर यह जानकारी जुटा रहीं कि उसके किन किन लोगों से संबंध हैं।
‘जांच में स्पष्ट हो चुका है कि धमकी भरा पत्र आबिद ने ही गेट नंबर तीन पर रखा था। आरोपी की तलाश में छापे मारी की जा रही है। परिजनों ने उसे मानसिक रूप से कमजोर बताया है, इसलिए प्रथमदृष्टया मुकदमा नहीं लिखा गया है। पूरी पड़ताल के बाद ही इस बारे में एफआईआर दर्ज की जाएगी’ आनंद कुलकर्णी, एसएसपी
धमकी के बाद हाईकोर्ट और आसपास के इलाकों में पूरे दिन कड़ी सुरक्षा रही। सामान्य दिनों की तुलना में शुक्रवार को अधिक पुलिस बल तैनात रहा। डीएम और एसएसपी ने भी हाईकोर्ट पहुंच कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।