मारे गए डॉक्टर के करीबी को भी फोन पर दी धमकी
-डॉ.जेके सिंह की हत्या के केस में पैरवी नहीं करने की अज्ञात शख्स ने
-निजी हॉस्पिटल के डॉक्टर के भाई को धमकाया कि गोली मार दी जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। कुछ दिन पहले धूमनगंज स्थित चंद्रौल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ.जेके सिंह को कौशाम्बी में ट्रक से टक्कर मारकर हत्या के बाद अब उनके करीबी विनोद कुमार श्रीवास्तव को जान से मारने की धमकी दी गई है। निजी हॉस्पिटल का मैनेजमेंट देखने वाले विनोद को सोमवार शाम दो बार फोनकर धमकाया गया कि वह डॉक्टर की हत्या के मुकदमे की पैरवी नहीं करें वरना उन्हें भी गाड़ी से कुचल या गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया जाएगा। धमकाने वाले ने अपना नंबर स्विच ऑफ कर दिया। धूमनगंज थाने की पुलिस ने तहरीर मिलने पर मामले की जांच शुरू कर नंबर को सर्विलांस पर लगा दिया।
पोंगहट पुल के निकट स्थित चंद्रौल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ.जेके सिंह 24 दिसंबर की शाम कोखराज में रेही बाइपास स्थित अपने निर्माणाधीन हॉस्पिटल से लौट रहे थे तभी जीटी रोड पर पन्नोई गांव के पास सामने से तेज गति में ट्रक ने टक्कर मार दी थी। दुर्घटना में डॉक्टर की जान चली गई जबकि साले विजय समेत चार लोग घायल हुए थे। विजय की तहरीर पर कोखराज थाने में बमरौली लाल बिहारा के मोहम्मद शकील के खिलाफ कत्ल का केस लिखा गया है। डॉ.जेके सिंह कुछ डॉक्टरों के साथ पार्टनरशिप में हॉस्पिटल बना रहे थे। बमरौली स्थित एक अन्य निजी हॉस्पिटल के डॉक्टर राजीव श्रीवास्तव के भाई विनोद श्रीवास्तव भी उनके साथ थे।
सोमवार शाम लगभग छह बजे अज्ञात शख्स ने विनोद के मोबाइल पर फोन किया और धमकी दी कि वह और उनके भाई राजीव डॉक्टर की हत्या के मुकदमे और कोखराज की जमीन से दूर रहें वरना उनकी भी जान चली जाएगी। विनोद ने कहा कि वह जहां कहे वे मिलने आ सकते हैं। करीब 15 मिनट बाद उसने दुबारा फोन किया और विनोद से सिविल लाइंस आने के लिए कहा। वह कुछ लोगों के साथ सिविल लाइंस पहुंचे लेकिन फोन करने वाले का नंबर स्विच ऑफ बताने लगा। कुछ देर तक नंबर पर कॉल करने के बाद विनोद ने धूमनगंज थाने जाकर तहरीर दी। पुलिस कोशिश कर रही है कि आईडी से फोन करने वाले का पता लगाया जा सके।