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तीन दिन पहले निलंबित इंस्पेक्टर
की संदिग्ध हाल में गई जान
0 सुबह खून की उल्टियां होने के बाद बिगड़ी सेहत
0 अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। कुंभ मेले में तैनात इंस्पेक्टर मिथिलेश राय की शनिवार को संदिग्ध हाल में मौत हो गई। सुबह खून की उल्टियां होने के बाद उन्हें एसआरएन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेला अफसरों का कहना है कि उन्हेें लीवर संबंधी बीमारी थी। हालांकि, चर्चा इस बात की भी रही कि तीन दिन पहले खुद को निलंबित किए जाने से वह तनाव में थे।
इंस्पेक्टर मिथिलेश मूल रूप से गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाना स्थित हरिहरपुर, तिवारीपुर के रहने वाले थे। वर्तमान में वह मेला ड्यूटी पर कुंभ क्षेत्र में तैनात थे और इससे पहले उनकी तैनाती भदोही जनपद में थी। शनिवार सुबह वह सेक्टर 12 स्थित सरकारी आवास में थे। सुबह आठ बजे के करीब सोकर उठने के बाद वह थोड़ी देर तक टहलते रहे। इसके बाद कमरे में चले गए। करीब नौ बजे सिपाही उन्हें बुलाने कमरे में पहुंचा तो वह बेसुध पड़े थे। उनको खून की उल्टियां हुईं थीं। जानकारी पर अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंच गए। आननफानन में उन्हें एसआरएन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर मेला पुलिस में हड़कंप मच गया। उधर जानकारी पर परिवारवालों में भी कोहराम मच गया। मेला पुलिस का कहना है कि इंस्पेक्टर का लीवर संबंधी बीमारी का इलाज चल रहा था। तबियत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एसपी उत्तरी झूंसी समीर सौरभ का कहना है कि इंस्पेक्टर को रात में भी खून की उल्टी हुई थी। जिस पर मातहतों ने अस्पताल चलने को कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उधर इस मामले मेें डीआईजी केपी सिंह से बात करने की कोशिश की गई लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
अन्न क्षेत्र थाना प्रभारी के रूप में थे तैनात
मृतक इंस्पेक्टर मिथिलेश सेक्टर 12 स्थित अन्न क्षेत्र थाना के प्रभारी के तौर पर तैनात थे। तीन दिन पहले ही उन्हें निलंबित किया गया था। चर्चा है कि इस कार्रवाई से वह बेहद तनाव में थे। हालांकि, मेला पुलिस अफसर इस बात से इंकार करते रहे। एसपी समीर सौरभ का कहना है कि तनाव जैसी किसी बात की उन्हें जानकारी नहीं है। हालांकि, जब उनसे पूछा गया तो वह यह नहीं बता पाए कि इंस्पेक्टर को निलंबित किस कारण या आरोप में किया गया था। इस बारे में मीडिया प्रभारी राहुल श्रीवास्तव से भी बात की गई लेकिन वह भी निलंबन की कार्रवाई की वजह नहीं बता सके।
मासूमों की चीख से दहल उठी मर्चरी
देर शाम मिर्जापुर से मृतक इंस्पेक्टर की पत्नी रीना व बच्चे यशी व यशस्वी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इस दौरान मासूमों की चीखों से मर्चरी दहल उठी। यहां तक कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की भी आंखें नम हो गईं। यशी(13) पिता को याद कर फूट-फूटकर रोती रहीं। वह बार-बार यही कहती रही कि मुझे एक बार मेरे पापा से मिला दो। उधर मासूम यशस्वी(8) रिश्तेदारों से पूछता रहा कि पापा ठीक हैं या नहीं। पत्नी भी बिलखती रहीं।