...तो घटना के बाद बहन के घर गया था आरोपी स्टेनो
मोबाइल से मिली लोकेशन के आधार पर पहुंची थी पुलिस
अगले दिन रायबरेली में मिली लोकेशन, टीम रवाना
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
कर्नलगंज के सीमैट कॉलोनी में पत्नी और मासूम बेटे की हत्या के आरोपी स्टेनो के बारे में पुलिस को कुछ अहम क्लू मिले हैं। घटना वाली रात उसके मोबाइल की लोकेशन इलाहाबाद-प्रतापगढ़ जिले की सीमा के करीब के इलाके में मिली थी। इसी आधार पर पुलिस ने प्रतापगढ़ में छापा मारा। हालांकि वह नहीं मिला। सर्विलांस के आधार पर जानकारी मिली है कि कुछ देर के लिए उसका मोबाइल ऑन होने के बाद बंद हो जा रहा है।
एलनगंज के सीमैट कॉलोनी में रहने वाली पूनम और उसके आठ महीने के मासूम बेटे की घर के भीतर ही हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद हत्यारा घर में ताला लगाकर फरार हो गया। दुर्गंध आने पर शनिवार को पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो घटना की जानकारी हुई। जांच पड़ताल के दौरान पता चला था कि अपर आयुक्त कार्यालय में स्टेनो के पद पर कार्यरत मृतका का पति रणजीत सिंह यादव चार-पांच दिनों से गायब है। पुलिस ने कॉल किया तो उसका मोबाइल नंबर बंद मिला। सूत्रों की मानें तो इसके बाद नंबर सर्विलांस पर लगाया गया तो रात में कुछ देर के लिए लोकेशन इलाहाबाद-प्रतापगढ़ सीमा पर स्थित नवाबगंज थाना के बछरा गांव में मिली। सूत्रों की मानें तो वहां रणजीत की बहन रहती है। सर्विलांस से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम वहां पहुंची लेकिन रणजीत नहीं मिला। बहन-बहनोई भी घर से गायब मिले। नाबालिग बेटी ने बताया कि उसके माता-पिता शादी में गए हुए हैं। फिलहाल मोबाइल से मिली लोकेशन के आधार पर माना जा रहा है कि रणजीत घटना के बाद अपनी बहन के घर गया था।
रायबरेली में कौन है परिचित?
सूत्रों की मानें तो रविवार देर रात एक बार फिर रणजीत का मोबाइल ऑन हुआ। इस बार लोकेशन रायबरेली के मुंशीगंज में मिली। जिसके आधार पर पुलिस की एक टीम वहां के लिए भी रवाना हो गई। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि रायबरेली में रणजीत की कौन-कौन सी रिश्तेदारी है या उसका कौन सा परिचित वहां रहता है। हालांकि अफसर अभी भी औपचारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। सीओ कर्नलगंज आलोक मिश्रा का कहना है कि कुछ अहम क्लू मिले हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
सहकर्मी कुछ बोलने को तैयार नहीं
उधर अपर आयुक्त कार्यालय में तैनात रणजीत के सहकर्मी भी घटना से स्तब्ध हैं। हालांकि वह कुछ बोलने को तैयार नहीं। दबी जुबान से लोग इतना जरूर कहते हैं कि वह किसी से बहुत मतलब नहीं रखता था। लोगों ने बताया कि वह एक अप्रैल से अवकाश पर चल रहा है।