प्रधान पति के हमलावर फरार, पीएसी है मुस्तैद
0 गोली मारने में पूर्व प्रधान समेत तीन नामजद की तलाश, पुरानी घटना के बाद से ही आरोपी हैं फरार
0 दोनों गुटों में टकराव का खतरा इसलिए पुलिस-पीएसी की तैनाती
अमर उजाला ब्यूरो
हनुमानगंज (इलाहाबाद)। सरायइनायत के ककरा दुबावल गांव में मंगलवार शाम घर के बाहर सरकारी गनर के सामने प्रधान पति अमरेंद्र मिश्र उर्फ पप्पू को गोली मारने की घटना में नामजद रिपोर्ट लिखने के बाद पुलिस ने छापेमारी की लेकिन एक भी आरोपी पकड़ में नहीं आ सका। गांव में दो पक्षों के बीच खूनी दुश्मनी के चलते टकराव की आशंका के चलते पुलिस के साथ ही पीएसी की टुकड़ी तैनात की गई है। आरोपियों से जुड़े परिवार के सभी पुरुष परिवार फरार हो गए हैं।
ककरा दुबावल गांव में अमरेंद्र मिश्रा और पड़ोसी पूर्व प्रधान आनंद मिश्रा के परिवार के बीच कई साल से खूनी दुश्मनी बनी है। इन दो परिवारों के बीच लगातार कत्ल और हमले हो रहे हैं। इसी दुश्मनी के चलते अमरेंद्र ककरा की बजाय परिवार सहित जैतपुर में रहने लगे। उनकी पत्नी सोनी मिश्रा मौजूदा प्रधान हैं। पिछली घटनाओं के मद्देनजर अमरेंद्र की सुरक्षा में पुलिस विभाग ने एक सरकारी गनर की तैनाती की है। मंगलवार शाम अमरेंद्र ककरा दुबावल में अपने पैतृक घर से जैतपुर जाने के लिए इनोवा में बैठ रहे थे तभी उन पर पिता अशोक मिश्रा और सरकारी गनर हिमांशु शर्मा की मौजूदगी में फायरिंग की गई थी। कमर पर पीछे गोली धंसने से घायल अमरेंद्र को शहर लाकर एसआरएन में भर्ती किया गया। इस घटना में पिता अशोक की तहरीर पर पूर्व प्रधान आनंद मिश्रा, उसके भाई कौशलेश मिश्र तथा भतीजे सोनू मिश्रा के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस लिखा गया है। पिछली दो आपराधिक घटनाओं में नामजदगी के बाद ये सभी पहले से फरार हैं। मौके पर पहुंचे एसपी गंगापार सुनील कुमार ने आरोपियों के घरों-रिश्तेदारों के यहां छापे मरवाए मगर वे हाथ नहीं आए। शांति-व्यवस्था के लिए गांव में पुलिस-पीएसी की मुस्तैदी है। एसपी गंगापार ने बताया कि घटना की छानबीन की जा रही है। आरोपियों की तलाश जारी है। मौके से .32 बोर के बरामद खोखों को जांच के लिए भेजा जाएगा।
00000000
गवाह है इसलिए की कत्ल की कोशिश
-घायल अमरेंद्र के पिता अशोक मिश्रा ने एफआईआर में लिखा है कि 30 जुलाई की रात उनके भाई अनिल मिश्रा को अपहरण के बाद मारकर तालाब में फेंक दिया गया था। उस घटना को पूर्व प्रधान आनंद मिश्रा, भतीजे सोनू मिश्रा ने कुछ लोगों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। कत्ल में हरीलाल पासी, नीरज, धीरज पासी और खेताऊ जेल में बंद हैं जबकि आनंद और सोनू फरार हैं। उनका पुत्र अमरेंद्र हत्याकांड में गवाह है। इसीलिए उसे मारने के लिए यह हमला किया गया था।