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तेंदुए ने किया हमला, चार घायल

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शहर के करीब तेंदुए का हमला, चार घायल
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करेली के दोंदीपुर में भटकते हुए पहुंचा, लखनऊ से आई टीम देर रात तक नहीं पकड़ पाई
अरहर के खेत में अंतिम बार देखा गया, पकड़ा नहीं गया तो बुधवार को भी चलेगा रेस्क्यू ऑपरेशन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। करेली के दोंदीपुर में मंगलवार की सुबह कहीं से भटककर आए तेंदुए ने चार किसानों पर हमला कर घायल कर दिया। गांव के बगल खेत में तेंदुए देखकर हड़कंप मच गया। पुलिस और वन विभाग की टीमें देर शाम तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाती रहीं लेकिन, तेंदुआ उन्हें छकाता रहा। कभी अरहर के खेत में तो कभी नाले में घुस जाता। लखनऊ से आई टीमों ने जाल और पिंजरा भी लगाया लेकिन, तेंदुए नहीं पकड़ा जा सका। बुधवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा। पुलिस और वन विभाग की टीमें गांव में लगा दी गई हैं।
करेली थाना क्षेत्र का दोंदीपुर गांव कौशांबी के नेवादा ब्लाक में आता है। गांव यमुना नदी के किनारे बसा है। नदी से सटे कछार और खेत में मंगलवार की सुबह किसान काम कर रहे थे। करीब साढ़े नौ बजे तेंदुए ने शिवलाल पर हमला दिया। वह शोर मचाता हुआ भागा तो कुछ दूर पर कन्हई यादव भी भागने लगे। तेंदुए ने उन पर भी हमला कर दिया। इसके कुछ देर बाद मंगला यादव और करमा भारतीय को भी घायल कर दिया। गांव में सूचना फैली तो लोग लाठी लेकर इकट्ठे हो गए। पुलिस को जानकारी दी गई तो वन विभाग के अधिकारियों को बताया गया।
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डीएफओ कौशांबी ओपी अंबत और डीएफओ प्रयागराज वाईपी शुक्ला स्टाफ के साथ पहुंच गए। तेंदुआ किसी भी तरह काबू में नहीं आ रहा था। वह भागते हुए कभी अरहर के खेतों में छिप जाता तो कभी नाले में घुस जाता। जब वन विभाग के स्टाफ से तेंदुआ काबू में नहीं आया तो लखनऊ से टीम बुलाई गई। टीम पिंजरा लेकर शाम को पहुंच गई। नाले में जाल लगा दिया लेकिन, तब तक शाम हो गई थी। तेंदुए को ट्रैक्यूलाइज करने के लिए एक टीम लगा दी गई थी। मुख्य वन संरक्षक कमलेश कुमार और वन संरक्षक डा. राजीव मिश्रा भी मौके पर पहुंचे थे। पुलिस और वन विभाग की टीमें गांव में तैनात कर दी गई थीं। गांव के लोग तेंदुए के हमले से डरे हुए हैं। वे लाठियां तथा अन्य हथियार लेकर जुटे हुए थे। शाम को कई बार अफवाह उड़ी कि तेंदुए ने आधा दर्जन और लोगों को घायल कर दिया है लेकिन, इसकी किसी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की थी।

--तेंदुए के हमले में चार लोग घायल हुए हैं। वन विभाग की टीमें उसे पकड़ने का प्रयास कर रही हैं। रात के लिए लाइट और जेनरेटर की व्यवस्था कर दी गई है। अगर मंगलवार रात तक वह पकड़ा नहीं गया तो बुधवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा। रत्नेश सिंह, सीओ प्रथम
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किसी को नाखून गड़ाया तो किसी पर दांत से काट खाया
दोंदीपुर गांव में तेंदुए के हमले से घायल शिवलाल, कन्हई यादव, करमा भारती और मंगल यादव का उपचार कराया गया। तेंदुए ने किसी को नाखून गड़ा दिया था तो किसी को दांत से काट खाया था। चारों बेहद सहमे हुए थे। उनके घर वाले भी डर गए थे। उनके जीवन में यह पहली घटना थी। गांव वाले तेंदुए के हमले से बुरी तरह से सहम गए थे। उनकी सबसे बड़ी चिंता यह थी कि अंधेरा होने तक वह पकड़ा नहीं गया था। गांव वाले छोटे छोटे समूहों में लाठियां तथा अन्य हथियार लेकर जुटे थे। उन्हें आशंका थी कि कहीं रात में तेंदुआ हमला न बोल दे।
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दिन भर छकाता रहा रेस्क्यू टीम को
दोंदीपुर में सुबह पहली बार देखा गया तेंदुआ दिन भर रेस्क्यू टीम को छकाता रहा। वह टीम के सामने ही कभी भागकर अरहर के खेत में छिप जाता तो कभी नाले की ओर भाग जाता। कछार और खेत होने के कारण उसे भागने का उसका दायरा बहुत बड़ा था। वन विभाग के अधिकारी उसे ट्रैंक्यूलाइज (इंजेक्शन जिससे तेंदुआ बेहोश हो जाएगा) करने की कोशिश की जाती रही लेकिन वह हाथ नहीं आया। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक तेंदुआ बेहद चालाक जानवर होता है। खेत, कछार और नदी का किनारा होने के कारण उसे पकड़ने में दिक्कत आ रही हैै।
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