देर रात पहुंचे परिजन, आज होगा पोस्टमार्टम
मुठभेड़े में मारे गए डकैत महेंद्र पासी की हुई शिनाख्त
परिजनों ने बताया, चार सालों से तोड़ दिया था रिश्ता
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। फूलपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मार गिराए गए डकैत महेंद्र पासी के शव का पोस्टमार्टम बृहस्पतिवार को नहीं हो सका। चित्रकूट से पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त तो कर ली लेकिन रात हो जाने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पुलिस ने बताया कि अब शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
फूलपुर में इफ्को के पास बुधवार देर रात हुई मुठभेड़ में पुलिस ने डकैत महेंद्र पासी को मार गिराया था। करीब दस मिनट तक दोनों ओर से कई राउंड तक गोलियां चली थीं। मारा गया महेंद्र गोप्पा गिरोह का सरगना था और यूपी के साथ ही एमपी में भी उस पर दर्जनों आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। महेंद्र की ओर से की गई फायरिंग में फूलपुर इंस्पेक्टर संजय राय के भी घायल होने की बात पुलिस की ओर से बताई गई थी। पुलिस का यह भी कहना था कि महेंद्र का एक साथी मुठभेड़ के दौरान भाग निकला। हालांकि रात भर तलाश करने के बाद भी उसे खोजा नहीं जा सका।
बृहस्पतिवार सुबह चित्रकूट पुलिस की मदद से पुलिस ने महेंद्र के परिजनों को सूचना दी। उम्मीद थी कि दोपहर तक परिवारवाले पहुंच जाएंगे लेकिन वह नहीं आए। इस दौरान फूलपुर पुलिस के साथ ही फोरेंसिक टीम भी मौके पर जुटी रही। शाम तक परिवारवालों के न आने की सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम लौट गई। रात में 11 बजे के करीब महेंद्र की चार भाभी और गांव के ही चार पुरुष पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इनमें मुन्नी देवी पत्नी कामता भी थी। इसके बाद उन्होंने शव की शिनाख्त की। बताया कि मृतक महेंद्र ही है। एसपी गंगापार व प्रभारी कप्तान सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पहले रात में ही पोस्टमार्टम कराए जाने की योजना थी। हालांकि परिजन काफी देर में पहुंचे। ऐसे में पोस्टमार्टम सुबह कराने का निर्णय लिया गया है। परिजनों ने शव की शिनाख्त कर ली है।
घर में नहीं था कोई पुरुष सदस्य
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने बताया कि जिस वक्त महेंद्र के मारे जाने की सूचना मिली, घर में कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। ऐसे में महिलाएं अकेले जाने को तैयार नहीं हुईं। महेंद्र के क्रियाकलापों से गांववाले भी नाराज थे, यही वजह थी कि महिलाओं के साथ जाने के लिए कोई पुरुष भी नहीं तैयार हुआ। रैपूरा पुलिस ने बताया कि बहुत समझाने के बाद गांव के चार पुरुष महेंद्र के घर की महिलाओं के साथ इलाहाबाद आने के लिए तैयार हुए। जिसके बाद उन्हें भेजा गया।
चार साल से तोड़ लिया था रिश्ता
महेंद्र की भाभी मुन्नी देवी ने बताया कि महेंद्र के आठ और भाई हैं। बताया कि महेंद्र की शादी नहीं हुई थी। तीन-चार साल पहले वह घर छोड़कर चला गया था। इसके बाद पता चला कि वह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया। इसके बाद न परिवारवालों ने उससे संपर्क किया और न ही कभी वह घर आया। महेंद्र के मारे जाने की बात पर उसका कहना था कि जिस रास्ते पर महेंद्र चल रहा था, उसका यही अंत था। दुख इस बात का है कि घरवालों के बहुत समझाने के बाद भी उसने अपना रास्ता नहीं बदला।