पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ कैदी
इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल में कराया गया था भर्ती
करीब तीन घंटे बाद दी गई पुलिस को सूचना
इलाहाबाद। इलाज कराने को एसआरएन अस्पताल में भर्ती हुआ एक कैदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। सुरक्षा में लगे बंदी रक्षक उसकी तलाश कई घंटे खुद करते रहे। जब उनको कैदी नहीं मिला तब करीब तीन घंटे बाद इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना पाकर इंस्पेक्टर रवींद्र यादव फोर्स समेत वहां पहुंच गए। पूछताछ के बाद उन्होंने भी कैदी की तलाश शुरु कराई लेकिन पुलिस के हाथ कैदी नहीं आया। फरार कैदी गुंडा एक्ट समेत कई गंभीर अपराधों के आरोप में जेल भेजा गया था।
इलाहाबाद परिक्षेत्र के डीआईजी कारागार बीआर वर्मा के मुताबिक सोमवार भोर करीब सवा तीन बजे केन्द्रीय कारागार में बंद प्रीतम मिश्र 22 वर्ष पुत्र गौरीशंकर मिश्र को मिर्गी का दौरा शुरु हो गया। थोड़ी ही देर में उसे कई झटके आए। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे सिपाही अंगद यादव एवं अनूप कुमार के साथ सुबह एसआरएन अस्पताल भेजा गया था। उसे मेडिसन विभाग के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। डॉक्टर जब 1 बजे उसे दवा देने पहुंचे तब वह बिस्तर पर नहीं मिला। इस पर उन्होंने उसकी सुरक्षा में लगे सिपाही सुनील कुमार एवं अशोक से इस बारे में पूछा लेकिन उन दोनों ने भी अनिभज्ञता जताई। इसके बाद उसकी खोज-खबर शुरु हुई लेकिन वह आसपास कहीं नहीं मिला। दोपहर करीब तीन बजे कोतवाली इंस्पेक्टर रवींद्र यादव सूचना पर अस्पताल पहुंचे। सीसीटीवी में दर्ज रिकार्डिंग देखने पर कैदी सिर्फ एक गमछे में दोपहर 12.45 पर कमरे से बाहर जाते दिखा। उसकी तलाश में दारागंज एसओ ने कच्ची सड़क स्थित उसके आवास समेत दूसरे ठिकानों पर छापा मारा लेकिन कहीं नहीं मिला। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ दारागंज थाने में 286, 307 समेत गुंडा एक्ट की भी कार्रवाई की गई थी। वर्ष 2016 में पुलिस ने गिरफ्तार करके उसे जेल भेज दिया था। उधर, देर शाम को जेल प्रशासन ने कोतवाली में फरार कैदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
इनसेट
डीआईडी ने किया बंदी रक्षकों को निलंबित
इलाहाबाद। अस्पताल से कैदी के फरार होने के बाद उसकी सुरक्षा में लगे बंदी रक्षक सुनील कुमार गौड़ एवं अशोक कुमार को इलाहाबाद परिक्षेत्र के डीआईजी, कारागार बीआर वर्मा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दोनों की भूमिकाओं की जांच की जा रही है।