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मासूम समेत दो लोगों की कुएं में गिरकर गई जान

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कुएं में गिरा मासूम, बचाने में युवक की भी गई जान
0 सोमवार दोपहर बहन लेकर बैठी थी कुएं के चबूतरे पर तभी गिर गया मासूम
0 सब्जी विक्रेता रस्सी से कुएं में उतर रहा था मगर जहरीली गैस ने ली जान
0 एक और युवक की हालत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
0 एनडीआरएफ की टीम ने निकाला कुएं से मासूम का शव
अमर उजाला ब्यूरो
हंडिया (इलाहाबाद)। सियाडीह गांव में सोमवार दोपहर ढाई साल का बच्चा कुएं में गिर गया। उसे बचाने के लिए कुएं में उतरे पड़ोसी नंदलाल वर्मा उर्फ नंदू की जहरीली गैस की चपेट में आकर दम घुटने से मौत हो गई। उन दोनों को निकालने के लिए उतर रहे तीसरे युवक की भी जान खतरे में पड़ गई थी मगर उसे समय रहते बाहर खींचकर अस्पताल ले जाया गया। मासूम समेत दो लोगों की मौत से उनके परिवार और गांव में कोहराम मचा है। पुलिस-प्रशासनिक अफसर भी पहुंच गए। पहले पड़ोसी का शव कटिया के जरिए निकाला गया। रात में शहर से एनडीआरएफ की टीम ने जाकर बच्चे का भी शव कुएं से निकाला।
सियाडीह गांव निवासी अजय वर्मा उर्फ दरोगा मजदूरी करता है। उसके चार बेटों और एक बेटी में ढाई साल का प्रियांशु चौथे नंबर पर था। सबसे बड़ा बेटा आलोक (10), बेटी नेहा (9), अमित (6) और साल भर का बेटा हिमांशु है। सोमवार दोपहर करीब दो बजे उसकी बेटी नेहा ढाई साल के प्रियांशु को गोद में लेकर घर के पास कुएं के बगल में चबूतरे पर बैठी थी। तभी वह प्रियांशु को चबूतरे पर खेलते छोड़कर घर की ओर चली गई। वह दरवाजे के पास पहुंची तभी उसकी नजर कुएं की तरफ गई। भाई प्रियांशु को कुएं में गिरता देख वह चीखकर उधर दौड़ी। साइकिल पर सब्जियां लादकर फेरी लगाने जा रहे पड़ोसी नंदलाल वर्मा उर्फ नंदू को पता चला तो वह साइकिल छोड़कर फौरन कुएं पर पहुंचा। कुएं के खंभे में रस्सी बांधकर वह नीचे उतर गया। तब तक में वहां भीड़ लग गई थी।
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कुएं में कुछ नीचे जाने पर जहरीली गैस के कारण नंदलाल बेहोश होकर गिर गया। फिर प्रियांशु और नंदलाल को निकालने के लिए गांव का अतुल कुमार रस्सी के सहारे कुएं में उतरने लगा मगर उसे भी जहरीली गैस से घुटन होने लगी। वह भी बेहोश होकर गिर जाता लेकिन लोगों ने खतरा भांपकर उसे फौरन ऊपर खींच लिया। इस आपाधापी में कुएं के मुंडेर पर बना खंभा ढह गया। उसकी एक ईंट अतुल के सिर पर गिरी जिससे वह जख्मी हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया। इसी बीच एसडीएम हंडिया कुलदेव सिंह, सीओ बृजनारायण सिंह और इंस्पेक्टर आरपी सिंह भी आ गए। दमकल दस्ता बुला लिया गया। जहरीली गैस की वजह से कुएं में गिरे बच्चे और नंदलाल को निकालने के लिए कोई उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। करीब ढाई घंटे तक कुएं में पानी डालकर कोशिश की जाती रही कि प्रियांशु और नंदलाल किसी तरह कटिया में फंस जाएं। आखिरकार नंदलाल की पैंट कटिया में फंसी तो उसे बाहर खींचा गया लेकिन अंधेरा होने तक प्रियांशु को नहीं निकाला जा सका क्योंकि वह कपड़े नहीं पहने था इसलिए कटिया में फंस नहीं रहा था। रात में शहर से एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया तो उसके गोताखोर आक्सीजन मास्क लगाकर कुएं में उतरे और प्रियांशु का शव बाहर निकाला। स्थानीय बसपा विधायक हाकिमलाल बिंद भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
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दो परिवार और गांव में कोहराम तथा मातम
हंडिया। सियाडीह गांव में सोमवार दोपहर इस घटना के चलते रात तक कोहराम मचा रहा। बच्चे प्रियांशु और उसे बचाने की कोशिश में जान गंवाने वाले नंदलाल के परिवार में विलाप गूंजता रहा। प्रियांशु की मां गंगाजली कुएं के पास रोती-कलपती रही। रात में एनडीआरएफ की टीम ने शव निकाला तो वह रोने-चीखने लगी। उसे किसी तरह संभालने की कोशिश की जाती रही। नंदलाल उर्फ नंदू के घर में तो और भी बुरा हाल था। गरीबी के बीच सब्जी बेचकर किसी तरह वह पत्नी निर्मला देवी, 12 साल के बेटे मुस्कान, पांच साल के कुशल, तीन साल की पुत्री शिवानी के साथ गुजारा कर रहा था। मगर एक झटके में यह परिवार मुसीबतों से घिर गया है। पत्नी निर्मला बच्चों को गले लगाकर रोती-चीखती रही। गांव और रिश्ते की महिलाएं उसे शांत कराने का प्रयास करती रहीं। एसडीएफ ने भरोसा दिया कि नंदलाल की पत्नी को सरकारी मदद दी जाएगी ताकि वह बच्चों के साथ जीवन यापन कर सके।
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