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सत्यम के घर पर मचा हाहाकार, प र जिन पहुंचे इलाहाबाद

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मचा कोहराम, परिजन पहुंचे इलाहाबाद
दो साल पहले एयरफोर्स ज्वाइन किया था, अभी शादी भी नहीं हुई थी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। संगम पर रविवार को डूबे एयरफोर्स के जवान सत्यम आर्या के घर जब अधिकारियों ने फोन कर घटना की सूचना दी तो घर पर कोहराम मच गया। पहले तो घर वालों को इस बात का विश्वास ही नहीं हुआ। उन्होंने इलाहाबाद में कई जगह फोन कर सूचना ली। इसके बाद परिवार के लोग इलाहाबाद के लिए चल दिए। देर रात वह इलाहाबाद पहुंच गए। सत्यम के शव को पूरे सैनिक सम्मान के साथ सोमवार को उनके पैत्रिक आवास भेजा जाएगा।
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सत्यम आर्या औरैया जिले के अरैवा कटरा इलाके के बेलजरी गांव के रहने वाले थे। महज 21 साल की उम्र में ही उन्हें एयरफोर्स के टेक्निकल ट्रेड में नौकरी मिल गई थी। ट्रेनिंग के बाद वह एयरफोर्स के बंगलुरू स्टेशन पर तैनात थे। पिता उदय पाल राठौर और मां ऊषा देवी के लाडले सत्यम ने एयरफोर्स की नौकरी चुनी तो घर वालों का सीना चौड़ा हो गया था। भाई शुभम भी सत्यम की नौकरी से बहुत खुश था। परिवार वालों की लगभग हर दिन सत्यम से बात होती थी। घर वाले उनकी शादी के लिए रिश्ता देख रहे थे लेकिन अभी कहीं बात तय नहीं हुई थी। जब सत्यम को एक कार्यक्रम के तहत अटैचमेंट के लिए इलाहाबाद भेजा गया तो उन्होंने कहा था कि अटैचमेंट खत्म होने के बाद वह घर जरूर आएगा। दो दिन पहले ही उसने अपने दोस्तों और घर वालों को फोन किया था। रविवार को जैसे ही घटना की खबर आई, घर वालों पर तो जैसे ही पहाड़ ही टूट पड़ा। मां ऊषा देवी को पूरी बात नहीं बताई गई थी। घर वाले लगातार अधिकारियों तथा इलाहाबाद के परिचितों को फोन कर जानकारी लेते रहे। जब शाम को सत्यम का शव मिला तो घरवाले इलाहाबाद के लिए चल दिए और देर रात यहां पहुंच गए। डिफेंस पीआरओ विंग कमांडर अरविंद सिन्हा ने बताया कि सत्यम के शव को पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनके घर भेजा जाएगा।
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