संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी
पर लटकती मिली विवाहिता
0 परिजनों ने लगाया दहेज हत्या का आरोप, पति समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
प्रयागराज। धूमनगंज के धुस्सा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों मेें मौत हो गई। उसका शव एक कमरे में दुपट्टे से बने फंदे पर लटकता मिला। जानकारी मिलने पर उसके मायके के लोग भी पहुंच गए और हत्या का आरोप लगाने लगे। इसको लेकर पोस्टमार्टम हाउस में भी काफी देर तक हंगामा हुआ। परिजनों की तहरीर पर धूमनगंज पुलिस ने पति, देवर, ससुर एवं सास के खिलाफ दहेज हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
चौफटका, चकनिरातुल निवासी श्यामबाबू यादव ने अपनी पुत्री अर्चना (27) का विवाह 25 अप्रैल 2018 को धुस्सा निवासी मंगेश यादव के साथ किया था। मंगेश पूरे परिवार के साथ रहकर गांव में ही डेरी चलाता है। मंगलवार को रोजाना की तरह कामकाज निपटाकर अर्चना सोने चली गई। सुबह उठने के बाद जब मंगेश दूसरे कमरे में गया, तब वहां अर्चना की लाश दुपट्टे से बने फंदे पर लटकती मिली। घरवालों का शोर सुनकर आस-पड़ोस के लोग भी जमा हो गए। सूचना मिलने पर धूमनगंज पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर चीरघर भिजवा दिया।
उधर, अर्चना की मौत की खबर सुनते ही पिता श्यामबाबू समेत घर के तमाम लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए और हत्या का आरोप लगाने लगे। इसको लेकर काफी देर तक हंगामा होता रहा। पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर उनको शांत किया। हालांकि, कागजी औपचारिकता पूरी न हो पाने की वजह से उसका पोस्टमार्टम अभी नहीं कराया जा सका। देर-शाम पिता श्यामबाबू की तहरीर पर पुलिस ने पति मंगेश, देवर महेश, राजू, पिता मान सिंह एवं मां आशा देवी के खिलाफ दहेज हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
महज 35 हजार की खातिर ली बिटिया की जान
प्रयागराज। अर्चना की मौत सुनकर पिता श्यामबाबू के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पिता के मुताबिक शादी के समय उसने सभी मांग पूरी की थी, लेकिन कुछ दिनों से 35 हजार रुपये नकद मांग रहे थे। अर्चना ने यह बात उनको बताई तब उन्होंने इंतजाम करने का भरोसा दिलाया, लेकिन तब उसे परेशान किया जाता था। मंगलवार रात ग्यारह बजे उनकी अर्चना से बात हुई, लेकिन वह बेतहाशा रो रही थी। उसके कुछ देर बाद उन्होंने दो बार फिर फोन मिलाया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद सुबह मंगेश ने फोन करके बताया कि अर्चना ने फांसी लगा ली। उनका कहना है कि अर्चना ने फांसी नहीं लगाई बल्कि उसकी हत्या की गई है।